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भगवान शिव के मंत्र इच्छाओं और मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए

Bhagwan Shiv Ke Mantro ka Sangrah

कहा जाता है कि भगवान शिव बड़ी ही आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं। सच्चे मन से शिव की पूजा करते हुए शिव मंत्रो का जाप करने से जीवन में सकारात्मकता आ जाती है। यु तो शिव के भक्तो के लिए बहुत सारे शिव मंत्र हैं, लेकिन उनमें से कौन सा आपके लिए सबसे उपयुक्त होगा? चलिए जानते हैं:

शक्तिशाली शिव मंत्रो का संग्रह :

shiv-mantr

पंचाक्षरी शिव मंत्र ( Panchakshari Shiva Mantr )

ॐ नमः शिवाय – Om Namah Shivaya

इस शिव मंत्र का शाब्दिक अर्थ है “मैं शिव को नमन करता हूं”। शिव ही सर्वोच्च वास्तविकता है, दूसरे शब्दों में कहे तो शिव वह है जो सभी प्राणियों के भीतर है। इस प्रकार, जब आप इस मंत्र का जप करते हैं, तो आप अपने अंदर की आत्मा के माध्यम से सीधा भगवन शिव से संपर्क करते है। इस मंत्र का जाप सुरक्षा की मांग और भगवान् शिव की शरण में जाने के लिए किया जाता है। यह आंतरिक क्षमता और शक्ति को बढ़ा देता है, और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरता है। इस मंत्र का जाप कोई भी व्यक्ति बिना किसी प्रतिबंध के कर सकता है।

महामृत्युंजय मंत्र ( Mahamrityunjaya Mantr )

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

Om Try- Ambakam Yajaamahe Sugandhim Pusstti-Vardhanam Urvaarukam-Iva Bandhanaan Mrtyor-Mukssiiya Maa-[A]mrtaat ।

इस मंत्र को सबसे शक्तिशाली शिव मंत्र कहा जाता है। ॐ नमः शिवाय मंत्र के जप के विपरीत, जहां आप किसी भी समय या किसी भी तरह से मंत्र का जाप कर सकते हैं, इस मंत्र के जाप में कुछ नियम हैं। इसी लिए आपको इस बात की पूरण जानकारी होना चाहिए कि इसका कब और कैसे उच्चारण करें। इस मंत्र का जप करने से जीवन में साहस और अन्य महत्वपूर्ण लाभ शामिल होते हैं। संस्कृत शब्द “महामृत्युंजय” का अर्थ है “मृत्यु पर विजय”। इसलिए, यदि आप मौत के डर और अन्य प्रकार की भौतिक पीड़ा से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो यह मंत्र आपके लिए है।

रुद्र मंत्र ( Rudr Mantr )

ॐ नमो भगवते रूद्राय ।

Om Namo Bhagwate Rudraay

भगवान शिव को प्रसन करने के लिए यह रुद्र मंत्र महत्वपूर्ण है। इसका उपयोग भगवान रुद्र का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इस मंत्र का जप करने से सभी इच्छा व मनोकामना पूर्ण हो जाती है।

शिव गायत्री मंत्र ( Shiv Gayatri Mantr )

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात ।

Om Tatpurushaay Vidmahe Mahadevaay Deemahi Tanno Rudrah Prachodayat

यह तो सब जानते है कि गायत्री मंत्र सबसे शक्तिशाली हिंदू मंत्रों में से एक है, और इसी तरह एक शिव गायत्री मंत्र भी है। यदि आप मन की शांति चाहते हैं और यदि आप शिव को खुश करना चाहते हैं, तो आप इस मंत्र का जप कर सकते हैं।

शिव ध्यान मंत्र ( Shiv Dhyaan Mantr )

करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं । विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥

Karcharankritam Vaa Kaayjam Karmjam Vaa Shravannayanjam Vaa Maansam Vaa Paradham । Vihitam Vihitam Vaa Sarv Metat Kshamasva Jay Jay Karunaabdhe Shree Mahadev Shambho ।।

यदि आप शिव का ध्यान करना चाहते हैं, तो शिव ध्यान मंत्र आपके लिए है। इस मंत्र का जप जीवन या अतीत में किए गए सभी पापों के लिए भगवान से क्षमा मांगने के लिए किया जाता है, और इस प्रकार यदि आप अपनी जिंदगी में अपनी आत्मा और नकारात्मकता को शुद्ध करना चाहते हैं तो यह मंत्र भी प्रभावी है।

एकादशा रुद्र शिव मंत्र ( Ekadasa Rudr Mantr )

यह कुल 11 मंत्र हैं :-

कपाली – Kapali

“ओम हुमूम सतत्रम्भान्य हं हं ओम फाट फट्”

“Om HumHum Satrustambhanaya Hum Hum Om Phat”

पिंगल – Pingala

ओम श्रीम हिम श्रीमान मंगला पिंगलाया ओम नमः

“Om Shrim Hrim Shrim Sarva Mangalaya Pingalaya Om Namah”

भीम – Bhima

ॐ ऐं ऐं मनो वंचिता सिद्ध्या ऐं ऐं ॐ

“Om Aim Aim Mano Vanchita Siddhaya Aim Aim Om”

विरुपाक्ष – Virupaksha

ॐ रुद्रया रोगनाश्या अगच्छा च राम ॐ नम:

“Om Rudraya Roganashaya Agacha Cha Ram Om Namah”

विलोहित – Vilohita

ॐ श्रीं ह्रीं सं सं ह्रीं श्रीं शंकरशनया ॐ

“Om Shrim Hrim Sam Sam Hrim Shrim Shankarshanaya Om”

शष्ठ – Shastha

ॐ ह्रीं ह्रीं सफलयाये सिद्धाए ॐ नम:

“Om Hrim Hrim Safalyayai Siddhaye Om Namah”

अजपदा – Ajapada

ॐ श्रीं बं सौ बलवर्धान्य बलेशवार्य रुद्राय फट् ॐ

“Om Shrim Bam Sough Balavardhanaya Baleshwaraya Rudraya Phut Om”

अहिर्बुध्न्य – Ahirbhudanya

ॐ ह्रां ह्रीं हं समस्थ ग्रह दोष विनाशाय ॐ

“Om Hram Hrim Hum Samastha Graha Dosha Vinashaya Om”

शंभू – Sambhu

ॐ गं ह्लौं श्रौं ग्लौं गं ॐ नम:

“Om Gam Hluam Shroum Glaum Gam Om Namah”

चंद्र – Chanda

ॐ चुं चंदीशवार्य तेजस्यय चुं ॐ फट्ट

“Om Chum Chandishwaraya Tejasyaya Chum Om Phut”

भव – Bhava

ॐ भवोद भव संभव्यय इष्ट दर्शना ॐ सं ॐ नम:

“Om Bhavod Bhava Sambhavaya Ishta Darshana Om Sam Om Namaha”

यह मंत्र 11 शिव मंत्रों का संग्रह होता है। इन सभी मंत्रो में भगवान् शिव के विभिन रूपों की पूजा की जाती है। हर महीने के लिए अलग मंत्र होता है। लेकिन इन सभी का जप एक साथ भी किया जा सकता है। शिवरात्रि या महारुद्र यज्ञ के दौरान इन मंत्रो का जप करना बहुत लाभकारी होता है।

 

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