in ,

10 महत्वपूर्ण जीवन सबक जिन्हें भगवान शिव से हर किसी को सीखना चाहिए

10 things to learn from lord Shiva

भगवान शिव – हिंदू धर्म में सर्वोच्च देवता है। हम उन्हें बहुत से नामों से जानते है, उनके अलग-अलग नामों के साथ 108 अलग-अलग अवतार हैं। वह परम है – ब्रह्मांड के निर्माता और विनाशक है। भगवान शिव ज्ञान है दाता है। भगवान शिव के 10 बहुत ही महत्वपूर्ण जीवन सबक हैं जिन्हे हर किसी को सीखना चाहिए।

learn from lord shiv

यह 10 महत्वपूर्ण जीवन सबक कुछ इस प्रकार से है (things to learn from lord Shiva)

 

1. बुराई को कभी बर्दाश मत करो

भगवान शिव ने अन्याय को कभी सहन नहीं किया। वह हर तरह की बुराई के विनाशक है। हिन्दू ग्रंथों के अनुसार राक्षसों को नष्ट करते समय भी वह निष्पक्ष थे। हमें अपने चारों ओर बुराई को जड़ से ख़तम करने की दिशा में काम करना चाहिए और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े रहना चाहिए।

2. खुद पर नियंत्रण

खुद पर नियंत्रण पाना ही जीवन का मूल मन्त्र है। जिस ने खुद को नियंत्रण में कर लिया उसने स्वर्ग हासिल कर लिया। यह आपको एकाग्रता प्रदान करता है, जो की जीवन में बड़े से बड़े लक्षय की प्राप्ति के लिए अनिवार्य है।

3. क्रोध किसी भी समस्या का हल नहीं है

mahadev

भगवान शिव महा योगी हैं। वह घंटो तक ध्यान करते है जो की उनकी शांत बुद्धि को दर्शाता है। इसी वजह से हमारे ब्रह्मांड का संतुलन बना रहता है।
क्रोध करने वाला व्यक्ति अपने विवेक पर काबू नहीं रख पता और मजबूर हो कर कुछ ऐसे फैसले ले लेता है, जिनका परिणाम बुरा निकलता है। इसीलिए क्रोध किसी भी समस्या का हल नहीं है। शांत होने से आपको एक नया नजरिया मिलता है और बड़ी से बड़ी लड़ाई जीतने में मदद मिलती है।

4. ख़ुशी के लिए किसी चीज पर निर्भर ना रहो

यदि आपके पास कुछ भी नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप का जीवन व्यर्थ हैं। धन या संपत्तियों से जुड़ा होना आपको शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर बनता है। ख़ुशी बिना किसी कारण भीतर से होनी चाहिए उसके लिए किसी चीज की आवश्यकता नहीं है।

5. मुश्किल से मुश्किल रास्तो को भी आसान बना दो

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारा रास्ता कैसा है और वह कितनी कठनाईयो से भरा पड़ा है। अपने लक्षय को हासिल करने के लिए मुश्किल से मुश्किल रास्तो को भी आसान बनाना ही पड़ेगा।

6. ज़िद व लालच सदैव विनाशकारी होती है

lord shiva in tapsya

प्राचीन हिंदू पाठ रामायण के अनुसार, सीता पर रावण ज़िद ने अपना अंत कर ही दम लिया। इसलिए, आपकी ज़िद से आपके अपने विनाश के अलावा कुछ हासिल नहीं होगा। भगवान शिव कभी भी किसी चीज से भ्रमित नहीं होते और सभी इच्छाओं से मुक्त रहते है।

7. कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता

मनुष्यों की चीजों को जमा करने की प्रवृत्ति होती हैं। इसमें संपत्ति, लोग, रिश्तों और, ज़ाहिर है भावनाएं भी शामिल है। लेकिन सब कुछ एक निश्चित समय के लिए ही जीवन में रहता है, कुछ भी हमेशा के लिए चलता। हमें जीवन में आगे बढने और रस्ते में आयी कठनाईयो का सामना करने के लिए तैयार रहना सीखना होगा।

8. सोचे समझे फिर ही फैसले ले

कुछ नया शुरू करने से पहले हमेशा शोध करें। भगवान् शिव के बालो से घिरी हुई माँ गंगा, अज्ञानता के अंत का प्रतीक है। अज्ञानता केवल गलत नतीजों तक ले जाती है। इसलिए, कुछ नया शुरू करने की योजना बनाने से पहले जानकारी एकत्र करना महत्वपूर्ण है।

9. अपने साथी का सम्मान करें

shiv shakti

भगवान शिव को अर्धनारीश्वर भी कहा जाता है, यानी आधा आदमी और आधी महिला, और इसलिए उनकी पत्नी माता पार्वती उनके लिए एक अनिवार्य हिस्सा है। वह हमेशा उनका सम्मान करते है। वह उनकी शक्ति है और शिव शक्ति से अलग नहीं हो सकते। इसलिए, हमारे पति / पत्नी या जीवन के भागीदार, वास्तव में हमारे ही बेहतर हिस्से हैं। और हमें उनको पूर्ण सम्मान और प्यार के साथ व्यवहार करने की आवश्यकता है।

10. अहंकार की जीवन में कोई जगह नहीं है

एक व्यक्ति का अहंकार जीवन की सभी बाधाओं का सबसे बड़ा कारण है। अहंकार ने कई लक्ष्यों, रिश्ते, विचारों और सपनों को बर्बाद कर दिया है। भगवान शिव ने अहंकार का ख़ात्मा करने के लिए त्रिशूल धारण किया है। वह कभी अपनी भावनाओ को खुद पर हावी नहीं होने देते। इसी प्रकार, वह किसी के अहंकार को बर्दाश्त नहीं करते।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

bhagwaan vishnu ji ke 24 avtaar

भगवान विष्णु के पुरे 24 अवतारों की सूची

जानिये किस सपने (DREAM) का आपकी जिंदगी (LIFE) पर कैसा प्रभाव पड़ता है