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    देवी सती के 51 शक्तिपीठ और उनसे जुडी कथा

    Satii

    DEVI SATI KE 51 SHAKTI PEETH वनवास के दौरान जब माता सीता का हरण रावण ने किया था और भगवान राम लक्ष्मण के साथ सीता माता की खोज कर रहे थे तब ये सब माता सती और शिवजी कैलाश पर्वत पर बैठे देख रहे थे। तभी सती माता ने शिव जी के सामने प्रश्न रखा […]

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    खाटू श्याम कैसे जा सकते है

    KHATU SHYAM

    KHATU SHYAM KAISE JAAYEN खाटू वाले श्याम बाबा का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू नगर में है वैसे तो जो भी भक्त सच्चे मन से खाटू श्याम बाबा से मिलने की कामना करता है खाटू वाले बाबा उसको अपने अपने पास बुलाने का इन्तेजाम अपने आप ही कर देते है खाटू श्याम जाने […]

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    नृसिंह चतुर्दशी व्रत कथा एवं पूजा विधि

    narasimha avtaar

    Narsingh Chaturdashi Vrat & Pooja Vidhi हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु का वध किया था।  इसलिए इस तिथि को नृसिंह चतुर्दशी के नाम से जानते हैं। इस दिन भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार को प्रसन्न करने के […]

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    9 देवियों की कहानियाँ

    9 DEVIYO KI KAHANIYA हिन्दू धर्म में देवी दुर्गा की नौ रूपों में पूजा की जाती है। यह माना जाता है की श्रद्धालु अगर श्रद्धापूर्वक माता की अर्चना करते है तो उनको पापो और अधर्म से मुक्ति मिल जाती है। श्रद्धालु टोली बना कर इन तीर्थस्थानों पर जाते है और आध्यात्मिकता के समुन्दर में डुबकी […]

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    ध्यान द्वारा चक्रो की जाग्रति के लिए मुद्रा और बीज मंत्र

    Chakras

    DHYAAN(MEDITATION), MUDRA AND BIJ MANTR संस्कृत में चक्र का अनुवाद “पहिया” है। इन चक्रो को भंवर के रूप में देखा जा सकता है जो ऊर्जा प्राप्त कर उनका विकीर्ण करते हैं। हमारे शरीर में कुल 72000 नादियाँ हैं और जिन क्षेत्रों में ये नाड़ियाँ मिलती हैं उन्हें चक्र कहा जाता है। इनमें से 7 प्रमुख […]

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    अक्षय तृतीया का महत्व शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    akshaya tritiya shubh muhrat

    AKSHAY TRITIYA MEHTAV POOJA VIDHI OR SHUBH MUHRAT वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि बहुत ही शुभकारी और सौभाग्यशाली मानी जाती है। वैशाख महीने की शुक्ल तृतीया को अक्षय तृतीया या आखा तीज के नाम से जानते है। अक्षय का अर्थ है – जिसका कभी क्षय या नाश न हो। अक्षय तृतीया के […]

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    अध्यात्म से जीवन में आनंद और शांति कैसे पाई जा सकती है

    adhyatam gyan

    ADHYATAM SE JIVAN MEIN ANAND AUR SHANTI KAISE PAAYE अध्यात्म ही एक मात्र ऐसा मार्ग है जिसकी सहायता से कोई भी मनुष्य अपने जीवन को प्रेम, शांति और खुशियों से भर सकता है। एक सम्पूर्ण और संतुलित जीवन जीने के लिए अध्यात्म के मार्ग को अपनाना ही जीवन जीने का एक सार्वभौमिक तरीका है। आज […]

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    देवी-देवताओं के कई हाथ और सिर होने का प्रमुख कारण

    God-Vishnu

    DEVI-DEVTAO KE KAI HATH AUR SEER HONE KA KARAN  हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को अक्सर कई बाहों के साथ चित्रित किया जाता है। ये हाथ तब दिखाई देते हैं जब वे विराठ रूप दिखते है। मानव रूप में कई भुजाओं वाले देवताओं का चित्रण कलाकार दुवारा उनकी सर्वोच्च शक्तियों को व्यक्त करने का प्रयास है। […]

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    चैत्र नवरात्रि की अष्टमी व नवमी तिथियों का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    DEVI DURGA KE NO ROOP

    NAVRATRI KI ASHTAMI AND NAVMI TITHIYON MEIN KIS SAMAY KRE POOJA तिथि दिन शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल 2019 (अष्टमी) शनिवार सुबह 8  बजकर 19  मिनट तक 14 अप्रैल 2019 (नवमी) रविवार सुबह 6  बजकर 04  मिनट तक चैत्र नवरात्रि में नों दिनों तक देवी के भिन्न भिन्न रूपों की पूजा करते हुए सभी भक्त अपने […]

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    भगवान शिव के 19 अवतार

    shiv-mantr

    Shiv Ke Avatar: हिंदू ग्रंथों में भगवान शिव के कई अवतारों का वर्णन किया गया है। लेकिन अभी भी भगवान शिव के सभी अवतारों के बारे में कम ही लोग जानते हैं। हमारे धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवा भगवान शिव के कुल मिलाकर 19 अवतार हैं। आइए जानते हैं इन अवतारों के बारे में :- […]

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    खाटूश्याम बाबा कोन है और किनकी सहायता सबसे पहले करते है और क्यों

    KHATU SHYAM JI

    KHATUSHYAM BABA KRTE HAI HAARE HUE KI SAHAYTA खाटूश्याम बाबा इस कलयुग के ऐसे भगवान है जिनकी आस्था दूर दूर तक फैली हुई है। व्यक्ति कोई भी हो छोटा हो या बड़ा, अमीर या गरीब और किसी भी धर्म का हो जो भी खाटूश्याम बाबा की नगरी में पुरे मन से जाता है बाबा सबको […]

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    सकारात्मक ऊर्जा के लिए वास्तु मंत्र – वास्तु दोष निवारण मंत्र

    Vastu-Dosh-Nivaran-Mantr

    Vastu Dosh Nivaran Mantr मंत्र वह ध्वनि है जो अक्षरों एवं शब्दों के समूह से बनती है। जिसे इतना संरचित किया गया है कि, जब इसका सही ढंग से उच्चारण किया जाता है, तो सार्वभौमिक ऊर्जा को व्यक्ति की आध्यात्मिक ऊर्जा में केंद्रित किया जाता है। वास्तु मंत्र का पाठ शक्तिशाली और सकारात्मक शक्तियों को […]

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