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क्या भगवान सदेव मदद के लिए आते है और भगवान इंसान से कैसे जुड़ते है

भगवान और इंसान

जय श्री राधे – आज हम भगवान और इंसान के आपसी समबन्ध के बारे में जानेंगे। भगवान और इंसान आपस में पूरक ही है। हमने कितने ही प्राचीन ग्रंथो में भगवान के इस पृथ्वी पर अनेको अवतारों के बारे में पढ़ा है। भगवान मनुष्य अवतार इसलिए ही लेते है ताकि मनुष्यों को यह बताया जा सके की जब भी भगवान की जरूरत होगी वो किसी न किसी रूप में मदद के लिए आयेंगे कभी भगवान राम, कभी भगवान कृष्ण और कभी साईं बाबा।

bhagat or bhagvan
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भगवान ने सभी मनुष्यों को इस पृथ्वी या मृतुलोक पर किसी न किसी कार्य की पूर्ति के लिए भेजा है। भगवत गीता में भगवान श्री कृष्ण ने भी कहा है की हर मनुष्य के जन्म का कोई न कोई कारण होता है बिना कारण या बिना भगवान की इच्छा के इस संसार में कुछ नही होता। सभी मनुष्यों को अपने अपने कर्तव्य के बारे में जान कर उसको पूरा करने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर  कर देना चाहिए क्योकि जो भी कुछ मिला है उस इश्वर से ही मिला है और अंत में उसमे ही मिल जायेगा।

भगवान और इंसान एक ही है जानिये कैसे

जब भी किसी मनुष्य को, किसी जिव जंतु को या इस पृथ्वी पर विचरण करने वाली हर वस्तु को किसी की सहायता की आवश्यकता होती है। तो या तो भगवान स्वमं उनकी मदद करते है या किसी को उनकी सहायता के लिए भेज देते है। इससे हमे पता चलता है की जिन्होंने भगवान से प्रार्थना की की उनकी सहायता करें और भगवान ने जिसको उनकी सहायता के लिए भेजा वो उनके लिए भगवान के समान हो जाता है और जिसने उनकी सहायता की या जिसके द्वारा सहायता की गई उसने भी भगवान से यही माँगा होता है की जिसके लिए उसका जन्म हुआ है वो मार्ग या कर्म भगवान उससे करवाए। इस द्वारा पता चलता है की भगवान और इंसान एक ही होते है बीएस उनको देखने के लिए साफ़ और निर्मल दृष्टि होनी चाहिए।

jivan ka saar

एक छोटी सी प्रार्थना जो सबके मन को प्रसन्न भी करेगी और भगवान के प्रति हमारी आस्था को बनाये भी रखेगी

तुमसे करते है ये प्रार्थना हम तेरे बच्चे है तेरे दुलारे ।

ऐसा सवरे हमारा ये जीवन दूसरों का भी जीवन सवारें ।

सच से ऐसे जुड़े जिंदगी में मन वचन कर्म में हो सच्चाई ।

महके ऐसे दिलो में हमेशा हम करें दूसरों कि भलाई ।

तेरी राहों में बढ़ते ही जायें डगमगाएं कदम ना हमारे ।

तुमसे करते है ये प्रार्थना हम तेरे बच्चे है तेरे दुलारे ।

ऐसा सवरे हमारा ये जीवन दूसरों का भी जीवन सवारें ।

इस छोटी सी प्रार्थना से हमे यह सन्देश मिलता है की हमे सदेव अपने बारे में ही नही सोचना चाहिए। हमे अपने जीवन को दूसरों की भलाई के लिए भी लगाना चाहिए। जब आप दूसरों की मदद करेंगे तभी भगवान आपकी मदद भी करेंगे। हमे अपने जीवन को सवारने के साथ साथ दूसरों के जीवन को भी सवारना चाहिए। क्योकि भगवान ने क्या पता किसको आपकी मदद के लिए चुना है और यदि आप उसी मनुष्य के साथ दुर्व्यवहार कर देते है तो ना तो आपको उस मनुष्य से मदद की उम्मीद रहती है और न ही भगवान से।

प्रेम से बोलो राधे राधे

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