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दिवाली पर क्या करें जिससे सभी देवी देवताओं का आशीर्वाद मिले

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दिवाली का त्यौहार सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रीति-रिवाज़ों और परंपराओं की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस त्यौहार पर सभी लोग अपने अपने घरों के लिए सजावट का सामान लेते है तथा रिश्तेदारों के लिए उपहार और मिठाई आदि लेते है।

दीपावली (Diwali) और इसके साथ जुड़े अन्य त्यौहार

क्र. दिनांक वार पर्व
1 5 नवम्बर सोमवार धन तेरस
2 6 नवम्बर मंगलवार नरक चौदस
3 7 नवम्बर बुधवार दीपावली
4 8 नवम्बर गुरुवार गोवर्धन पूजा
5 9 नवम्बर शुक्रवार भाई दूज

दिवाली ही एक ऐसा त्यौहार है। जिस पर परिवार से दूर रहने वाले सदस्य भी एक साथ होने की कोशिश करते हैं और जिससे घर में रौनक लग जाती है। जब सम्पूर्ण परिवार एक साथ घर में इक्कठा हो कर त्यौहार मनाते है और देवी देवताओं की पूजा और अर्चना करते है तो इससे देवी देवता भी प्रसन्न हो जाते है और घर में सुख और समृधि का आशीर्वाद देते है।

दीपावली पर देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए क्या क्या करें

  • दिवाली के दिन सबको प्रातः जल्दी उठकर स्नानादि करने के बाद साफ़ और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • दिवाली के दिन घर में अच्छे अच्छे पकवान बनाने चाहिए और उनका भोग देवी देवताओं को लगाना चाहिए।
  • संध्या के समय दिवाली पूजन से पूर्व भी स्नान आदि कर के पवित्र हो जाना चाहिए।
  • घर के जिस भी स्थान में आप देवी लक्ष्मी जी की अर्चना करना चाहते है उस स्थान पर देवी के चित्र के सामने एक चौकी रखकर उस पर मौली बांधें और साथ में गणेश जी की मिट्टी की मूर्ति स्थापना करें।
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Jansatta
  • उसके बाद चौकी पर 6 चौमुखे घी के व 26 छोटे दीपक घी के या सरसों के तेल के रखें।
  • फिर जल, मौली, चावल, फल, गुड़, अबीर, गुलाल, धूप आदि से विधिवत पूजन करें।
  • पूजा समाप्त होने के बाद एक-एक दीपक घर के कोनों में जलाकर रखें।
  • एक छोटा तथा एक चौमुखा घी का दीपक रखकर निम्न मंत्र से माता महा लक्ष्मी जी का पूजन करें-

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरेः प्रिया। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्वदर्चनात॥

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  • इस दिन भगवान कुबेर की आराधना भी इस मन्त्र से करनी चाहिये।

धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च। भवंतु त्वत्प्रसादान्मे धनधान्यादिसम्पदः॥

  • इस पूजन के पश्चात तिजोरी में गणेशजी तथा लक्ष्मीजी की मूर्ति रखकर विधिवत पूजा करें।
  • माता महा लक्ष्मी का पूजन रात के बारह बजे करने का विशेष महत्व है। इसके लिए एक पाट पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर एक जोड़ी लक्ष्मी तथा गणेशजी की मूर्ति रखें। समीप ही एक सौ रुपए, सवा सेर चावल, गुड़, चार केले, मूली, हरी ग्वार की फली तथा पांच लड्डू रखकर लक्ष्मी-गणेश का पूजन करें।
  • दीपकों का काजल घर में रहने वाले सभी लोगो को आंखों में लगाना चाहिए।
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  • फिर रात्रि जागरण कर गोपाल सहस्रनाम पाठ करें।
  • दूसरे दिन प्रातःकाल चार बजे उठकर पुराने छाज में कूड़ा रखकर उसे दूर फेंकने के लिए ले जाते समय कहें ‘लक्ष्मी-लक्ष्मी आओ, दरिद्र-दरिद्र जाओ’। इससे घर की सारी दरिद्रता दूर हो जाती है और घर में माता लक्ष्मी का वास होता है।

दिवाली पर वैसे तो बहुत सी चीजों का ध्यान रखना चाहिए पर विशेष रूप से दिवाली पर जरुरतमंदों की मदद जरुर करनी चाहिए। जरुरतमंदों की मदद करने से देवी देवता प्रसन्न होते है। दिवाली पर स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए। जितना हो सके अपने घर और घर के बाहर की साफ़ सफाई अच्छे से करनी चाहिए।

यह भी पढ़े: दिवाली पर कैसे करें देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा 

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