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हनुमान चालिसा के 12 सबक जिन्हें हर किसी को सीखना चाहिए

Hanuman Chalisa ke 12 sabak

हनुमान चालिसा(Hanuman Chalisa) हनुमान जी को समर्पित है, जिसे हनुमान जी को प्रसन्‍न करने और मन चाहा फल प्राप्त करने के रूप से जाना जाता है। यह 40 स्तम्भों की एक कविता है और हनुमान जी की ताकत, उदारता व उनसे जुडी विभिन जानकारी के बारे में बताती है। हनुमान चालिसा के हर स्तम्भ से पता चलता है कि कैसे वह मार्ग की सभी प्रकार की बाधाओं को पार करते है।

सबसे शक्तिशाली देवताओं में से एक, हनुमान को भगवान शिव से “मृतिंजय” का आशीर्वाद मिला है जो उन्हें अमर बनाता है और इस प्रकार हिंदु देवताओ के बीच एक विशेष स्थान देता है। रामायण और हिंदू ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी को एक बंदर के चेहरे के साथ एक आदमी के रूप में चित्रित किया गया है जिनमे परम शकितिया और बुद्धिमता है। कहा जाता हैं की, “बड़ी शक्ति के साथ बड़ी जिम्मेदारियां आती हैं”, और हनुमान की शक्तियों के साथ, वह महाकाव्य रामायण के मुख्य पात्रों में से एक है।

Hanuman Chalisa in hindi
Hanuman Chalisa Lyrics hindi mein

 

हनुमान चालिसा से सीख(hanuman chalisa se sikh)

भगवान हनुमान के कुछ गुणों के बारे में बात करते हैं जो की हनुमान चालिसा में वर्णित हैं:

 

1. ताकत और विनम्रता

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

 

Shri Guru Charan Sarooj Raj, Nijmanu Mukur Sudhaari;
Barnau Raghuvar Bimal Jasu, Jo Dayeku Fal Chaari;
Buddhiheen Tannu Jaanike, Sumirau Pavan Kumar;
Bal Buddhi Bidya Dehu Mohe, Harahu Kales Bikaar;

हनुमान चालिसा(Hanuman Chalisa) की शुरुआती पंक्तिया इस बात के बारे में बात करती हैं कि कैसे आप अपनी बुद्धि व मन को भगवान राम के “चरन” में स्वयं को समर्पित करके शुद्ध कर सकते हैं, राम भगवान् विष्णु का सातवां अवतार है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि हनुमान सबसे बलशाली देवताओ में से एक है, और भले ही उसके पास वह ताकत है, फिर भी वह स्वयं को भगवान राम के “चरन” में समर्पित करते है। यह हनुमान जी द्वारा व्यक्त विनम्रता दिखाता है।

सीख: हनुमान जी के इन गुणों को स्वीकार करना हमे भीतर बेहतर बनाता है और शुद्ध विचारों को प्रोत्साहित करता है।

 

2. कलम और तलवार दोनों, यानी ज्ञान और बहादुरी

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।

 

Jai Hanuman Gyan Gun Saagar, Jai Kapis Teehu Lok Ujagar,
Raamdot Atulit Bal Dhaama, Anjani Putar Pavansut Naama,
Mahaveer Vikram Bajrangi, Kumati Nivaar Sumati Ke Sangi,
Kanchan Varan viraaj Suvesa, Kanan Kundal Kunchit Keisa,

यह पंक्तिया इस बारे में बताती है कि हनुमान एक ही समय में बहादुर होने के साथ ही साथ बुद्धिमान भी है। और उनके इन गुणों की पूरे ब्रह्मांड में बात की जाती है।

सीख: हर उपलब्धि महत्वपूर्ण है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कितनी छोटी हैं या बढ़ी। प्रत्येक उपलब्धि आपके दृष्टिकोण में एक अंतर डाल सकती है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके बावजूद अपने पैरों को जमीन पर रखना चाहिए। चाहे आपकी सफलता कितनी अधिक क्यों न हो।

 

3. गुरु को समर्पण

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

 

Hath Vajr O Dhwaja Viraaje, Kandhe Munj Janeu Saaje,
Sankar Suvan Kesari Nandan, Tej Pratap Maha Jag Vandan,
Vidyaban Guni Ati Chaatur, Raam Kaaj Karive Ko Aatur,
Prabhu Charitr Sunive Ko Rasiya, Raam Lakhan Sita Mann Basiya,

Sukshma Roop Dhari Siyanhi Dikhawa, Vikat Roop Dhari Lank Jarawa,
Bheem Roop Dhari Asur Sanhaare, Raamchandr Ke Kaaj Sanwaare

हनुमान जी के पास बहुत सी शक्तियां है; वह खुद को एक तिल के आकार में बदल सकते है, या यहां तक ​​कि आसमान को छूने के लिए काफी बड़ा रूप ले सकते है। उनकी शक्ति असीमित है, फिर भी वह अपने गुरु की सेवा करने के लिए उत्सुक है।

सीख: विनम्रता और विनम्र रहना महत्वपूर्ण है, जैसा कि हमने पहले बताया है। केवल ऐसा करके ही एक व्यक्ति बुजुर्गों का सम्मान कर सकता है और खुद को गुरु को आत्मसमर्पित कर सकता है।

 

4. आवश्यकता पर काम आना

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

 

Laye Sanjivan Lakhan Jiyaaye. Shree Raghuveer Harashi Ur Laaye.
raghupati keenhe bahut badai. tum mam priy bharatahi sam bhai.

जब लक्ष्मण घायल हो गए तो लक्ष्मण को जिंदा रखने के लिए हनुमान जी कुछ भी करने के लिए तत्पर थे। उन्होंने रावण के वैद्य का अपहरण कर लिया और एक बहुत दूरदराज के जंगल में से संजीवनी बुटी का पूरा पर्वत ही उठा लाये।

वह हमेशा अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए तत्पर थे।

सीख: अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध रहें, किसी भी स्थिति में आत्मसमर्पण न करें।

 

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5. हनुमान की अद्वितीय कार्येशीलता

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

 

Sahas badan tumharo jas gaavain, as kahi shreepati kanth lagaavain,
Sankadik Bramhadi Munisa, Narad Sarad Sahit Ahisa,
Jam Kuber Digpal Jaha Te, Kavi Kovid Kahi Sakey Kahante,

हनुमान जी के कई व्यक्तित्व हैं। उनके पास यम, दिगपाल, कुबेर और कई अन्य देवताओं का आशीर्वाद है, और इस प्रकार आसानी से कोई कार्य पूरा कर सकते हैं। वह सभी कलाओ के मालिक है क्योंकि वह कुछ भी कर सकते है, जैसे कविता लिखने से लेकर यंत्र बजाने तक।

सीख: सीखने के लिए खुले दिमाग रखना जरूरी है, और कुछ चीजों को निपुण करना ताकि आप अपने पैर की अंगुली पर खुद को चुनौती दे सकें। सब कुछ, हर सफलता, हर विफलता में एक सबक है। एक को यह सीखना चाहिए कि उसे क्या पेशकश करनी है।

hanuman as shiv

 

6. मित्रता महत्वपूर्ण है

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

Tum Upkar Sugreevhi Kinha, Ram Milaye Rajpad Dinha

हनुमान ने सुग्रीव और राम के बीच दोस्ती कराने के लिए एक महान भूमिका निभाई थी। उन्होंने राम जी दुबारा बाली का वध करा कर सुग्रीव को वापस उनका साम्राज्य दिलाया था।

सीख: मित्रता महत्वपूर्ण है। “एक सच्चे दोस्त की असली पहचान जरुरत के समय होती है।” इसी लिए कहा जाता है। जब आपको मौका मिलता है तो आपको अपने दोस्तों की मदद करनी चाहिए।

 

7. दुसरो की सदैव सुने और सही मार्गदर्शन करे

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

Tumhro Mantra Vibhishan Mana, Lankeswar Bhaye Sab Jag Jana

हनुमान हमेशा दूसरों की समस्याओं को सुनते थे और हमेशा उन्हें सही रास्ते पर निर्देशित करते थे। मिसाल के तौर पर, बिभीषन को उनकी सलाह ने उन्हें लंका का राजा बनने में मदद की।

सीख: जब तक आप दूसरों को नहीं सुनते, आप उनकी समस्याओं को समझ नहीं सकते हैं।

 

8. शक्ति का सही उपयोग

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

Jug Sahastr Jojan Par Bhaanu, Lilyo Tahi Madhur Phal Jaanu,
Prabhu Mudrika Meli Mukh Mahi, Jaldhi Langhi Gaye Achraj nahi,

पंक्तिया कहती है कि हनुमान जी ने सूर्य को निगलने की कोशिश की, यह सोचकर कि यह एक उज्ज्वल नारंगी है। उन्होंने सीता को खोजने के लिए विशाल समुद्र पार किया और लंका पहुंचे।

सीख: अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपको सावधानी से अपनी शक्तियों का उपयोग करना चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि चीजें कितनी मुश्किल हैं, आपको सिर्फ इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आप क्या कर सकते हैं।

 

9. असंभव को संभव में बदलना

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

Durgam Kaaj Jagt Ke Jete, Sugam Anugrah Tumhre Tete,
Ram Doare Tum Rakhware, Hoat Na Aagya Binu Paisare
Sab Sukh Lahaye Tumhri Sarna, Tum Rakhshak Kahu Ko Darna
Aapan Tej Samharo Aapaye, Teeno Lok Hank Te Kaapen,
Bhoot Pishaach Nikat Nahi Awe, Mahavir Jab Naam Sunawe,
Naasaye Rog Hare Sab Peera, Japat Nirantar Hanumat veera

यदि आप हनुमान में विश्वास करते हैं तो आपको चीजों से डरने की आवश्यकता नहीं है। ऐसा कहा जाता है कि वह स्वर्ग के द्वारपाल है जोकि असंभव चीजों को संभव बनाने की क्षमता रखते है।

सीख: यदि आप हनुमान में विश्वास करते हैं, तो येह आपको जीवन में महान चीजों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है और आपको सबसे कठिन परिस्थितियों में सही सही मार्ग खोजने में मदद कर सकता है।

 

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10. आत्मा की शुद्धता

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

Sankat Te Hanuman Chhodawe, Mann Kram Vachan Dhyaan Jo Laawe
Sab Par Ram Tapaswi Raja, Tin Ke Kaaj Sakal Tum Saaja
Aur Manorath Jo Koi Laawe, Soi Amit Jivan Phal Paawe
Chaaro Jug Partaap Tumhara, Hai Parsidh Jagat Ujiyara,
Saadhu Sant Ke Tum Rakhwaare, Asur Nikandan Ram Dulaare,
Asth Siddhi Nau Nidhi Ke Daata, Us bar Deen Jaanki Maata

हनुमान जी सर्व शक्तिशाली है यदि आप सच्चे मन से उनकी प्राथना करोगे तो सदैव उन्हें अपने साथ पाओगे। वह किसी भी भक्त की मदद करने के लिए सदैव तैयार है – चाहे वो मजबूत हो या फिर कमजोर।

सीख: शुद्ध मन और अच्छे इरादे से चीजें करें। यदि आपके पास अधिक संसाधन या शक्ति है तो यह आपके लिए एक उपहार है और इसके जरिये आप दूसरों की मदद कर सकते हैं।

lord hanuman

 

11. समर्पित भक्ति के माध्यम से मोक्ष की प्राप्ति

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

Ram Rasayan Tumhre Paasa, Sada Raho Raghupati Ke Daasa,
Tumhre Bhajan Ram Ko Paawe, Janam-Janam Ke Dukh Bisraawe,
Antakaal Raghuvar Pur Jaayee, Jahan Janam Hari Bhakt Kahayee,
Aur Devta Chitt Na Dharayi, Hanumat Sei Sarb Sukh Karai
Sankat Kate Mite Sab Peera, Jo Sumiraye Hanumat Balbira,
Jai Jai Jai Hanuman Gosaai, Kripa Karahun Gurudev Ki Naai

राम के भक्त हनुमान जी ने उनके हिर्दय में एक विशेष स्थान हासिल किया है। यदि आप बार-बार उनका नाम जप करते हैं, तो आप किसी भी प्रकार की पीड़ा के चक्र से मुक्ति पा सकते है। यहाँ तक की जीवन और मृत्यु के चक्र से भी।

सीख: दूसरों के प्रति एक अच्छा हिर्दय होने होना बहुत जरुरी है और दुसरो की भलाई के लिए अपनी शक्ति और संसाधन का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

 

12. हनुमान जी आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए नियमित प्रार्थना करे

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

jo Sat Baar Paath Kare Koi, Chhotahin Bandi Mahasukh Hoyi,
Jo Yeh Padhe Hanuman Chalisa, Hoye Siddhi Saakhi Gaurisa,
Tulsidas Sada Harichera, Kije Naath Hridaya Mahn Dera

Pavantanaye Sankat Haran, Mangal Moorti Roop;
Ram Lakhan Sita Sahit, Hridya Basahu Soor Bhoop

हनुमान चालिसा, के लेखक तुलसीदास जी ने कहा है कि यदि आप चालिसा को नियमित रूप से पढ़ते हैं, तो आप हनुमान की असली प्रकृति को खोज सकते हैं और भय व दुःख के समय उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

सीख: यदि आप यह छंद पढ़ते हैं और हनुमान मंत्र का जप करते हैं, तो आप भगवान के करीब हो सकते हैं। जो आपको आध्यात्मिकता की दुनिया के करीब ले जा सकते हैं।

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