in

हनुमान जी के शक्तिशाली मंत्र – जिनके जाप से मिलती है हर काम में सफलता

HANUMAN JI KE SHAKTISHALI MANTR

हनुमान जी इस कलयुग एक मात्र ऐसे देवता है जो की जागृत देवता के रूप में विद्यमान है। पुराणों में भी यह बात कही गई है की कलयुग में हनुमान जी की पूजा सबसे जल्दी फल देने वाली होगी और हनुमान जी कलयुग के अंत तक जीवित रहकर अपने भगतों का कल्याण और रक्षा करेंगे। ऐसा इसलिए है क्योकि भगवान श्री राम और देवी सीता ने हनुमान जी को आशीर्वाद दिया था की वे चिरंजीवी अर्थात अमर रहकर कलयुग में राम नाम का प्रचार और राम भगतों की रक्षा करेंगे। हनुमान जी की पूजा से भुत, पिशाचो का नाश तो होता ही है और यहाँ तक की मृत्यु दोष को भी समाप्त किया जा सकता है।

panchmukhi hanuman

इन मन्त्रों के जाप से हनुमान जी की असीम कृपा होती है और जहा पर भी किसी भी काम के लिया जाते है उसमे सफलता अवश्य मिलती है। इन मन्त्रों के जाप से धन आदि की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। जब कभी भी आपका आत्मविश्वास खोने लगे, जीवन में हर तरफ निराशा ही निराशा का सामना होने लगे। तो ऐसे समय में महाबली हनुमान को याद करें क्योंकि असफलताओं की सारी समस्याएं नकारात्मता से ही शुरू होती हैँ। लेकिन आप इस नकारात्मकता के प्रभाव से भी छुटकारा पा सकते हैं। इसका सीधा और सरल रास्ता है हनुमान जी उपासना। हनुमान की उपासना से नकारात्मक शक्तियों का खात्मा होता है।

Hanumaan ji

इसके लिए सुबह-सवेरे स्नानादि से निवृत्त होकर किसी भी एकांत स्थान पर आसन बिछाकर बैठ जाएं या अपने घर में बने मंदिर में भगवान हनुमान का ध्यान करके बैठ जाए। इसके बाद नीचे लिखे मंत्रों का 3 बार जाप करें –

ॐ हुं हुं हनुमतये फट्

ॐ पवन नन्दनाय स्वाहा

ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट

इन मन्त्रों के आलावा एक ऐसा शक्तिशाली मंत्र भी है जिसका उपयोग स्वमं भगवान श्री राम ने रावण का वध करने के लिए किया था यदि इस मंत्र का जाप हो सके तो ब्रम्ह मुह्रत में करना सबसे उपयोगी बताया गया है ब्रम्ह मुह्रत का समय सुबह 4 बजे से 6 बजे तक होता है कहते है इस समय दिव्य उर्जाये धरती पर मौजुद होती है इसलिए इस समय की गई पूजा बहुत अच्छा फल देती है इस मंत्र का जाप पूर्ब दिशा की और मुख करके करना चाहिए अर्थात जिस दिशा से सूर्य उदय होता है

यह भी पढ़े: भगवान हनुमान जी को क्यों चढ़ाया जाता लाल सिंदूर का चोला

ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।

प्रत्येक दिन इस मंत्र का जाप करने से आपकी सभी समस्याओं का समाधान होने लगेगा और आपको हर काम में सफलता मिलती चली जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

navgraha

ग्रहो की विस्तृत व्याख्या और उनके हमारी कुंडली में प्रभाव और दुष्प्रभाव

navgraha

शुक्र, शनि, राहु और केतु की सम्पूर्ण जानकारी और हमारी कुंडली में प्रभाव और दुष्प्रभाव