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हनुमान जी के मंत्रो का संग्रह और उन के लाभ

Hanuman Mantro ke Labh:

हनुमान मंत्रो का जप भगवान हनुमान को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने में सहायक है।

हनुमानजी को कई नामों से जाना जाता है। जैसे आंजनेय, अंजनी पुत्र, बाजरंगबाली, महावीर, मारुति, पवनपुत्र आदि। वह वायु के पुत्र है और पवन देवता और श्री रामचंद्र की सेनाओं के प्रमुख भी थे। हिन्दू महाकाव्य रामायण में, उन्होंने लंका के राजा रावण के खिलाफ युद्ध में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी। वह श्री राम चंद्र के प्रमुख भक्त और उन्हें सबसे प्रिये है।


दुनिया भर मैं हिंदुओं द्वारा हनुमान की व्यापक रूप से पूजा की जाती है। वह अपनी ताकत और बहादुरी के लिए जाने जाते हैं, वह महा ज्ञानी है और इन्हे भगवान शिव का अवतार भी माना जाता है। श्री राम के एक महान भक्त होने के कारण हनुमान भक्ति और समर्पण का प्रतीक हैं।

उनकी पूजा करने का एक तरीका हनुमान मंत्र का जप करना है। विभिन्न अवसरों के लिए श्री हनुमान के कई अलग-अलग मंत्र हैं। हनुमान मंत्र के कई प्रकार हैं और प्रत्येक का एक अलग उद्देश्य है।

8 शक्तिशाली हनुमान मंत्र :-

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए बहुत से मन्त्र दिए गए है। जिनमे से उनके मुख्य मन्त्र और उनके लाभ व अर्थ निचे दिए गए है। (यह भी पढ़ें – हनुमान चालिसा)

hanuman

1. हनुमान मूल मंत्र – Hanuman Mool Mantr

ॐ हनुमते नमः॥

Om Hanumate Namah॥

हनुमान मूल मंत्र का जाप आमतौर पर किसी के जीवन में बाधाओं और समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। यह एक बहुत ही शक्तिशाली सफलता मंत्र (क्रिया सिद्धी मंत्र) भी है। इसका अत्यधिक सुझाव दिया जाता है। जो लोग अपने जीवन में समस्याओं और बाधाओं का सामना कर रहे हैं उन्हें भगवान हनुमान से इस मन्त्र का जाप कर प्रार्थना करनी चाहिए। शारीरिक शक्ति और सहनशक्ति प्राप्त करने के लिए इस हनुमान मंत्र का उच्चारण महत्वपूर्ण हैं।

2. हनुमान बीज मंत्र – Hanuman Beej Mantr

|| ॐ ऐं भ्रीम हनुमते,

श्री राम दूताय नम: ||

Aum Aeem Bhreem Hanumate

Shree Ram Dootaaya Namaha

इसका अर्थ है,” हम भगवान हनुमान से अनुरोध करते हैं, जो भगवान श्री राम के सबसे बढे सेवक और दूत है”। हिंदू ग्रंथों के अनुसार, हनुमान बीज मंत्र का नियमित रूप से जप हनुमान को खुश करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे शक्तिशाली तरीका है।

3. हनुमान गायत्री मंत्र – Hanuman Gayatri Mantr

ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।

तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥

Om Anjaneyaya Vidmahe Vayuputraya Dhimahi।

Tanno Hanumat Prachodayat॥

ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र का जप करने से जीवन को भरने वाली ऊर्जा आपको सभी खतरों से बचाती है और आपको साहस और ज्ञान के साथ मजबूत बनती है। श्री हनुमान ताकत, सहनशक्ति, बुद्धि, निष्ठा और निस्वार्थ भक्ति का अवतार है। हनुमान जी निडर है और कभी भी संकोच नहीं करते हैं। इसलिए, हनुमान गायत्री मंत्र उन लोगों के लिए एक असाधारण गायत्री मंत्र है जो हनुमान जैसे गुण विकसित करना चाहते हैं। यदि आपको ताकत की आवश्यकता है तो हनुमान गायत्री मन्त्रआपके लिए है।

4. आंजनेय मंत्र – Anjaneya Mantr

ॐ श्री वज्रदेहाय रामभक्ताय वायुपुत्राय नमोsस्तुते ।

Om Shree Vajradehaya Ramabhakthaya Vayuputhraya Namosthuthe

नौकरी और व्यवसाय में नए अवसरों की प्राप्ति के लिए यह एक शक्तिशाली हनुमान मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से आपको वर्तमान काम में बाधाओं को दूर करने या नई नौकरी पाने में मदद मिलेगी। छात्र जो परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और कर्मचारी जो पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे है, वह निश्चित रूप से रोज़ाना आंजनेय मंत्र का जाप कर सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इस मन्त्र का जप गुरुवार को शुरू और सुबह 11 बार करना चाहिए।

5. मनोजवं मारुततुल्यवेगम् मंत्र – Manojavam Marutatulyavegam Mantr

मनोजवम् मारुततुल्यवेगम् जितेन्द्रियम् बुद्धिमताम् वरिष्ठम्।

वातात्मजम् वानरयूथमुख्यम् श्रीरामदूतम् शरणम् प्रपद्ये॥

Manojavam Marutatulyavegam Jitendriyam Buddhimatam Varishtham।

Vatatmajam Vanarayuthamukhyam Shriramadutam Sharanam Prapadye॥

इसका मंत्र का अर्थ है कि मैं श्री हनुमान में शरण लेता हूं, जो कि तीव्र बुद्धि के स्वामी है और हवा से भी ज्यादा तेज है। वह इंद्रियों के मालिक है और अपनी उत्कृष्ट बुद्धि, सीखने की कला और ज्ञान के लिए सम्मानित है। वह वानरों के प्रमुख और पवन देवता के पुत्र है। वह जो श्री राम की सेवा करने के लिए वानरों की प्रजाति के बिच अवतारित देवों का हिस्सा है। इसलिए, मै श्री राम के उस दूत के सामने सजग होकर, उनके अंदर शरण लेता हूं।

6. भक्त हनुमान मंत्र – Bhakt Hanuman Mantr

अंजनीगर्भ संभूत कपीन्द्र सचिवोत्तम ।

रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा ॥

Amjanii-Garbha Sambhuuta Kapii-[I]ndra Sacivo[a-U]ttama |

Raama-Priya Namas-Tubhyam Hanuman Rakssa Sarvadaa ||

इसका अर्थ है, मैं हनुमान में शरणार्थी हूं, जो मां अंजनी के गर्भ से पैदा हुए है, और जो वानरों के राजा सुग्रीव के सबसे उत्कृष्ट मंत्री थे। वह श्री राम को बेहद प्रिये हैं; इस लिए मैं आप की प्राथना करता हु, हे हनुमान, कृपया मुझे हमेशा सुरक्षित रखें।

7. हनुमान मंत्र – Hanuman Mantr

ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा |

Om Namo Bhagvate Aanjaneyaay Mahaabalaay Swaahaa

जीवन में बीमारियों, बुरी आत्माओं और अन्य प्रकार की बाधाओ को खत्म करने के लिए इस हनुमान मंत्र को 21000 बार पढ़ा जाता है।

8. हनुमान मंत्र – Hanuman Mantr

हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् |

Hang Hanumate Rudraatmakaay Hung Phatt

यह हनुमान मंत्र एक गुप्त मंत्र है जिसमें असीमित शक्ति है। यह हनुमान मंत्र तत्काल परिणाम लाता है। इस हनुमान मंत्र का जप करने से असाधारण रूप से शक्ति की प्राप्ति होती है।

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