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हरियाली तीज कब की है | HARIYALI TEEJ IN HINDI 2018

HARIYALI TEEJ IN HINDI 2018

HARIYALI TEEJ

माता पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए 108 जन्म लिए और 108वे जन्म पर ही भगवन शिव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए थे और शिव पुराण के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का पुनर्मिलन हुआ था। इसलिए इस दिन को हरियाली तीज (HARIYALI TEEJ) के रूप में मनाया जाता है और इस दिन सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया थी ।

हरियाली तीज पूजा (HARIYALI TEEJ POOJA)

इस वर्ष में हरियाली तीज (HARIYALI TEEJ) की पूजा 13 अगस्त 2018 को मनाई जाएगी। हरियाली तीज नाग पंचमी (NAAG PANCHAMI) त्यौहार के दो दिन पहले मनाया जाता है। यह त्यौहार मुख्यतः महिलाओं का होता है। इस दिन भगवन शिव और माता पार्वती जी की पूजा और व्रत का विधान है। इसे छोटी तीज या श्रवण तीज के नाम से भी जाना जाता है।

HARIYALI TEEJ

हरियाली तीज पूजा विधि (HARIYALI TEEJ POOJA VIDHI)

हरियाली तीज पूजन के लिए काली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की प्रतिमा बनाई जाती है उसके बाद सबको बड़े प्यार से सजाया जाता है इसके बाद अपने घर के अंदर पूजा स्थान के पास जा कर वहाँ पर रंगोली बनाई जाती है रंगोली के ऊपर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा रखी जाती है इसके बाद कलश की हल्दी और कुमकुम से पूजा की जाती है बाद में भगवान शिव और गौरी की पूजा करके उनका संपूर्ण श्रृंगार किया जाता है

महिलाएं अपने पास सुहाग का सारा सामान रखकर माता पार्वती को अर्पित करती हैं और भगवान शिव धोती या फिर तोलिया अर्पित किया जाता है उसके बाद हरियाली तीज की कथा पढ़ी जाती है और कथा समाप्त होने के बाद भगवान शिव, पार्वती और गणेश की आरती की जाती है पूजा के बाद भगवान की परिक्रमा भी की जाती है

हरियाली तीज (HARIYALI TEEJ) पर क्या करना चाहिये

हरियाली तीज पर सभी महिलाएं को अपने मन में अपने पति का ध्यान करना चाहिए और अपने पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करनी चाहिए स्त्रियों के मायके से सिंगार का समान तथा मिठाइयां ससुराल में भेजी जाती हैं हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह-सुबह कार्यों से निवृत्त होकर सोलह सिंगार करना चाहिए और इस दिन विवाहित महिलाओं को अपने मायके से लाइ हुई चीजे ही पहननी चाहिए तथा श्रृंगार में वही धारण करना चाहिए

इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत करती है वही कुंवारी लड़कियों के लिए भी यह व्रत बड़ा खास माना जाता है ऐसा कहा जाता है कि कुंवारी लड़कियां इस व्रत को  भगवान शिव जैसा पति प्राप्त करने के लिए रखती है इसके बाद घर में उत्सव मनाया जाता है तथा विभिन्न प्रकार के लोक नृत्य किए जाते है। इस दिन झूला -झूलने का भी रिवाज है। हरियाली तीज (HARIYALI TEEJ) के दिन रात्री जागरण किया जाता है रात में भजन कीर्तन किया जाता है

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