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जानें हरतालिका तीज पर कब ग्रहण कर सकते हैं जल और किस मंत्र के जाप से मिलेगी सुख की प्राप्ति

HARTALIKA TEEJ PAR JAAP KRNE WALA MANTR

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हरतालिका तीज को बड़ी तीज व्रत भी कहा जाता है और हरतालिका तीज भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। इस बार तीज का व्रत 12 सितंबर को किया जाएगा। इस वर्ष की हरितालिका तीज बहुत शुभ है और बहुत अच्छा संयोग भी बन रहा है और यह भी कहा जाता है कि क्लयोग में किये जाने वाले व्रत और अनुष्ठान एक हज़ार गुना अधिक फल देते है। इसलिए इस बार किए जाने वाली पूजा का विशेष महत्व है।

हरतालिका तीज के व्रत में विशेष रूप से भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है और जो भी इस दिन व्रत रखे उनको चाहिए कि वे भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करने के बाद ही अपना व्रत खोले और रात्री में जागरण करना भी विशेष शुभकारी होता है।

यहां से पढ़ें जल ग्रहण करने का शुभ मुहूर्त और मन्त्र जाप

हरतालिका तीज 11 सितंबर को सायं 06 बजकर 05 मिनट से 12 सितंबर शाम 06 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। तीज का पूजन,  व्रतकथा का श्रवण व्रती महिलाओं को शाम 06 बजकर 36 मिनट से पहले ही करनी होगी। 12 सितंबर को सुबह 05 बजकर 44 मिनट पर सूर्योदय होगा, जो भी महिलायें इस दिन निर्जला व्रत रखती है वे संध्या में सूर्य ढलने से पहले जल ग्रहण कर सकती हैं। 12 सितंबर को सूर्यास्त सायंकाल में 06 बजकर 05 मिनट पर होगा।

हरतालिका तीज का व्रत दाम्पत्य जीवन में परम सुखों को देने वाला है। जिन मनुष्यों को अपने दाम्पत्य जीवन में समय समय पर कठिनाइयों का सामना करना पढता है उनको सच्चे हर्दय से इस व्रत का पूजन करना चाहिए और भगवान शिव के मंदिर में जा कर पूजा संपन्न करनी चाहिए। माता पार्वती को सुहाग का सामान भेट करना चाहिए और भगवान  शिव जी को वस्त्र तथा गणेश जी को लड्डू और जनेउ अर्पित करना चाहिए और बाद में यह सारा सामान अपने बड़ो का आशीर्वाद लेकर अपने पास रख लेना चाहिए।

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इस दिन मन को पवित्र रखना चाहिए और व्रत रखने के साथ साथ क्रोध, झूठ, कपट, निन्दा से दूर रहना चाहिए।  भगवान शिव और माता पार्वती की भगती में मन को लगाना चाहिए और उनका ध्यान करना चाहिए। श्री भगवते साम्ब शिवाय नमः का अखण्ड जप पूरे व्रत में करते रहना चाहिए। इस व्रत और मंत्र जाप से आपको जीवन में अविरल दाम्पत्य सुख की प्राप्ति होगी।

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