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दीवाली पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने का कारण और उनके मन्त्र

Lakshmi Ganesh Katha:

दिवाली श्री राम की अयोध्या में वापसी के रूप में मनाई जाती है, लेकिन इस शुभ दिन पर देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश का हर घर में स्वागत किया जाता है। देवी लक्ष्मी धन और समृद्धि की देवी है जबकि भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है। देवी महालक्ष्मी के रूपों की पूजा करना दीवाली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसा माना जाता है कि दिवाली की रात को देवी लक्ष्मी प्रत्येक घर जाते हैं और धन व समृद्धि के साथ सभी को आशीर्वाद देती हैं।

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लेकिन लक्ष्मी और गणेश की पूजा दीवाली पर क्यों की जाती है? दिवाली पर देवी लक्ष्मी और गणेश की पूजा करने के पीछे एक दिलचस्प कहानी है।

शास्त्रों के मुताबिक, एक बार देवी लक्ष्मी को अपनी शक्तियों और संपत्ति का घमंड हो गया। देवी ने अपने पति, भगवान विष्णु के साथ बातचीत करते समय खुद की बहुत प्रशंसा की। भगवान विष्णु ने उन्हें उनके अहंकार से छुटकारा दिलाने का फैसला किया। भगवान विष्णु ने शांतिपूर्वक उन्हें याद दिलाया कि सभी गुण होने के बावजूद भी एक महिला अपूर्ण होती है, यदि उसे कोई बच्चा नहीं हो। मातृत्व सबसे बड़ी खुशी है जो एक महिला अनुभव कर सकती है, और चूंकि लक्ष्मी के बच्चे नहीं थे, इसलिए उन्हें पूर्ण समझा नहीं जा सकता। अपने पति, भगवान विष्णु से यह सुनकर, वह बेहद निराश हो गई।

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सहायता और सलाह लेने के लिए देवी लक्ष्मी देवी पार्वती के पास चली गईं। क्युकी देवी पार्वती के दो बेटे थे, कार्तिकेय और गणेश। देवी ने पार्वती से अनुरोध किया कि वह अपने बेटों में से एक को उन्हें देकर मातृत्व की खुशी का अनुभव करने दें। देवी पार्वती लक्ष्मी को अपने बेटे को देने के लिए असन्तुष्ट थी क्योंकि यह ज्ञात था कि लक्ष्मी लंबे समय तक एक ही स्थान पर नहीं रहती हैं। तो, वह उनके बेटे का ख्याल रखने में सक्षम नहीं होगी। लक्ष्मी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह हर संभव तरीके से उनके बेटे का ख्याल रखेगी और उसे सदैव खुश रखेंगी।

लक्ष्मी के दर्द को समझते हुए, देवी पार्वती ने उन्हें गणेश को अपने बेटे के रूप में अपनाने दिया। देवी लक्ष्मी बेहद उत्साहित हो गई और कहा कि वह गणेश को अपनी सभी उपलब्धियों और समृद्धि के साथ वरदान देंगी। जो धन के लिए लक्ष्मी की पूजा करते हैं उन्हें पहले गणेश की पूजा कर उनका आशीर्वाद लेना होगा। जो लोग गणेश के बिना लक्ष्मी की पूजा करेंगे वे देवी द्वारा आशीर्वादित नहीं होंगे। इसलिए, दीवाली पर गणेश के साथ देवी लक्ष्मी की हमेशा पूजा की जाती है।

बुद्धि के बिना धन प्राप्त करना केवल धन का दुरुपयोग करेगा। इसलिए, लक्ष्मी और गणेश की पूजा एक साथ की जाती है।

 

समृद्धि और धन के लिए शक्तिशाली श्री लक्ष्मी गणेश मंत्र

लक्ष्मी गणेश ध्यान मन्त्र – Lakshmi Ganesh Dhyan Mantr 

दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
Dantabhaye Chakravarau Dadhanam, Karagragam Swarnghatam Trinetram।
Dhritabjayalingitamabdhi Putrya-Lakshmi Ganesham Kanakabhamide

 

श्री लक्ष्मी गणेश मंत्र – Lakshmi Vinayak Mantr

ॐ श्रीं गं सौम्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा॥
Om Shreem Gam Saumyaya Ganpataye Vara Varada
Sarvajanam Me Vashamanaya Svaha॥

 

ऋणहर्ता गणपति मंत्र – Rinharta Ganapati Mantr

ॐ गणेश ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्॥
Om Ganesha Rinam Chhindhi Varenyam Hum Namah Phat॥

लाभ 

श्री लक्ष्मी गणेश मंत्र का जप लक्ष्मी और गणेश के आशीर्वाद के संयुक्त लाभ लाता है। लक्ष्मी मंत्र एक व्यक्ति को धन और समृद्धि प्रदान करता है और गणेश मंत्र से सिद्धि और बुद्धि की प्राप्ति होती है।

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