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महागौरी : मां दुर्गा के आठवें स्वरूप की पूजा

Maa Mahagauri:

नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा की आठवीं शक्ति महागौरी की पूजा का विधान है। महागौरी की पूजा से भक्तों के समस्त पाप धुल जाते हैं और अलौकिक सिद्धियां प्राप्त होती है। महागौरी की उपासना अत्यंत कल्याणकारी है। मां गौरी का रूप गौर वर्ण का है। इनके सभी वस्त्र व आभूषण सफेद रंग के हैं। इसी कारण इनका नाम श्वेताम्बरधरा भी है। देवी का वाहन वृषभ है और इनकी चार भुजाएं हैं। जिसमें से एक भुजा अभय मुद्रा में है, तथा दूसरी भुजा में त्रिशूल धारण किए हुए हैं। तीसरी भुजा में डमरू है, और चौथी भुजा वर मुद्रा में है।

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नवरात्रि तारीख (Navratri 2018 date) किस दिन होगी कौन सी देवी स्वरूप की आराधना

प्रथम नवरात्र पर नवदुर्गा – माता शैलपुत्री

द्वितीय नवरात्र पर नवदुर्गा – माता ब्रह्मचारिणी

तृतीय नवरात्र पर नवदुर्गा – माता चंद्रघंटा

चतुर्थी नवरात्र पर नवदुर्गा – माता कूष्मांडा

पंचम नवरात्र पर नवदुर्गा – माता स्कंदमाता

षष्ठी नवरात्र पर नवदुर्गा – देवी कात्यायनी

सप्तम नवरात्र पर नवदुर्गा – माता कालरात्रि

अष्टम नवरात्र पर नवदुर्गा – माता महागौरी

नवम नवरात्र पर नवदुर्गा – माता सिद्धिदात्री

17 अक्टूबर, 2018 को नवरात्र का आठवां दिन है और इस दिन देवी महागौरी की आराधना की जाती है।

महागौरी की कथा: देवी भगवान शिव को पति के रूप में पाना चाहती थी। जिसके लिए उन्होंने कठिन तपस्या की जिसके चलते देवी के शरीर का रंग काला पड़ गया था। इससे प्रसन्न होकर भगवान् शिव ने उन्हें स्वीकार लिया और उन्हें गंगाजल से स्नान कराया। तब देवी का वर्ण विद्युत के समान अत्यंत गौर हो गया और इनका नाम गोरी पड़ा। इस रूप में देवी बहुत ही शांत, स्नेहमयी और करुणामई है। देवी महागौरी को पूजा में सफेद रंग के वस्त्र और पुष्प बहुत ही प्रिय है। देवी गौरी की पूजा करने से सौंदर्य की प्राप्ति होती है।

महागौरी माता जी की आरती –

जय महागौरी जगत की माया।
जया उमा भवानी जय महामाया॥

हरिद्वार कनखल के पासा।
महागौरी तेरी वहां निवासा॥

चंद्रकली ओर ममता अंबे।
जय शक्ति जय जय माँ जगंदबे॥

भीमा देवी विमला माता।
कौशिकी देवी जग विख्यता॥

हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥

सती {सत} हवन कुंड में था जलाया।
उसी धुएं ने रूप काली बनाया॥

बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥

तभी माँ ने महागौरी नाम पाया।
शरण आनेवाले का संकट मिटाया॥

शनिवार को तेरी पूजा जो करता।
माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥

भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।
महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो॥

मां महागौरी पूजा मंत्र –

श्वेते वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचिः। 
महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया॥

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