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ध्यान (Meditation) के लिए शक्तिशाली मंत्रो का संग्रह

Mantras For Meditation:

मानव जीवन में ध्यान (Meditation) का बहुत महत्व है। ध्यान से मानसिक संरचना में बदलाव आता है, सही गलत में फर्क करने की समझ पैदा होती है और मनुष्य को अपने विचारो पर नियंत्रण पाने की शक्ति हासिल होती है। वर्तमान समय में ध्यान की स्थिति में पहुँच पाना थोड़ा कठिन है लेकिन कुछ मंत्रो की सहयता से इस कार्य को आसान बनाया जा सकता है।

ध्यान के लिए शक्तिशाली मंत्र

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दुनिया भर में दस मिलियन से भी अधिक मंत्र अस्तित्व में हैं। लेकिन ॐ सबसे प्रसिद्ध सार्वभौमिक मंत्रों में से एक है। प्राचीन वैदिक शास्त्र के अनुसार, कंपन ‘ॐ’ में वह प्रत्येक कंपन है जो कभी अस्तित्व में था – और जो कभी भविष्य में भी होगा। ध्यान के लिए 9 शक्तिशाली मन्त्र कुछ इस प्रकार से है।

1. गुरु स्तोत्रम् – Guru Stotram

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः ।
साक्षात परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥

Gurur Brahmaa Gurur Visnu Gururdevo Maheshvarah ।
Guru Sakshat Parahma Brahma Tasmai Shri Gurave Namah: ।।

स्तोत्रम् कहता है, गुरु (अंधेरे में रह दिखने वाला) ब्रह्मा (निर्माता) है; गुरु विष्णु (निर्वाहक) है; गुरुदेव महेश्वर (विनाशक) है; गुरु सही में पारा-ब्राह्मण (परम चेतना) है; उस गुरु को नमश्कार।

गुरु सभी ज्ञान का स्रोत है। हिंदू धर्म में, गुरु या सर्वोच्च शिक्षक को सबसे बड़ा महत्व दिया जाता है क्योंकि वह वो है जो सही मार्ग को दिखाता है। सनातन धर्म गुरु को सर्वोच्च महत्व देता है। इस प्रकार, यह एक गहन ध्यान के लिए जप करने के लिए एक शक्तिशाली मंत्र है।

2. ॐ – Om/Aum


Om/Aum

‘ॐ’ ब्रह्मांड में सर्वव्यापी ध्वनि है। इस कारण से, इसे ‘प्रणव’ भी कहा जाता है-वो ऊर्जा जो हमारे प्राणो में चलती है। ‘ॐ ‘ सर्वोच्च के समझ से बाहर / निर्गुण पहलू का प्रतिनिधित्व करता है। यह मानवीय दिमाग को वास्तविकता की और ले जाकर चेतना का संचार करता है। इस प्रकार, ‘ॐ’ का जप करना किसी भी ध्यान को शुरू करने का सबसे अच्छा तरीका है।

3. गायत्री मंत्र – Gayatri Mantra

ॐ भूः ॐ भुवः ॐ स्वः
ॐ महः ॐ जनः ॐ तपः ॐ सत्यम्
ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात् ।
ॐ आपो ज्योती रसोऽमृतं ब्रह्म भूर्भुवः स्वरोम् ॥

Om Bhuuh Om Bhuvah Om Svah
Om Mahah Om Janah Om Tapah Om Satyam
Om Tat-Savitur-Varennyam Bhargo Devasya Dhiimahi
Dhiyo Yo Nah Pracodayaat ।
Om Aapo Jyotii Raso[a-A]mrtam Brahma Bhuur-Bhuvah Svar-Om ।।

गायत्री मंत्र वेदों में समृद्ध सार्वभौमिक मन्त्र है, जिसे सावित्री मंत्र भी कहा जाता है। यह ध्यान के लिए सबसे शक्तिशाली और लोकप्रिय मंत्रों में से एक है। संक्षेप में, मंत्र का अर्थ है, ” हम ईश्वर की महिमा का ध्यान करते हैं, जिसने इस संसार को उत्पन्न किया है, जो पूजनीय है, जो ज्ञान का भंडार है, जो पापों तथा अज्ञान की दूर करने वाला हैं- वह हमें प्रकाश दिखाए और हमें सत्य पथ पर ले जाए। ”

यह मंत्र जीवन देने वाले सूर्य और ईश्वर दोनों के लिए कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। इस मन्त्र से भक्त के हृदय में केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता है। यह जागरूकता का शाब्दिक अर्थ है। यह एक प्रस्ताव है खुद को प्रेरित करने के लिए।

4. दुर्गा ध्यान मंत्र – Durga Dhyan Mantra

ॐ जटा जूट समायुक्तमर्धेंन्दु कृत लक्षणाम |
लोचनत्रय संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम ||

Om jataa jut samaayuktamardhendu krit lakshnam
Lochanyatra sanyuktam padmendu sadya shan naam ||

यह मंत्र अन्य दुर्गा मंत्रों का जप करने से पहले पढ़ा जाता है। यह किसी को अपने कार्य में बेहतर एकाग्रता प्राप्त करने में मदद करता है। इस ध्यान मंत्र से ध्यान केंद्रित करना सरल हो जाता है और यह हर किसी के लिए एक महत्वपूर्ण मंत्र है।

5.पंचाक्षरी शिव मंत्र – Panchakshari Shiva Mantra

ॐ नमः शिवाय
Om Namah Shivaya

Om-Namah-Shivay-Panchakshar-Mantra-hindi

इस शिव मंत्र का शाब्दिक अर्थ है “मैं शिव को नमन करता हूं”। शिव यहां सर्वोच्च वास्तविकता है या दूसरे शब्दों में कहे तो शिव ही अंतरात्मा है। इस प्रकार, जब आप इस मंत्र का जप करते है, तो आप आंतरिक आत्मा की तरफ ध्यान केंद्रित करते है। यह मंत्र आंतरिक क्षमता और शक्ति को बढ़ावा देता है, और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भरता है।

ध्यान में जाने के लिए ॐ नमः शिवाय मन्त्र का 108 बार जाप किया जा सकता है। यह मन को शांत कर दिमाग को समाधि की स्थिति में ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है।

6. शिव ध्यान मंत्र – Shiv Dhyan Mantra

करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं ।
विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥

Karcharankritam Vaa Kaayjam Karmjam Vaa Shravannayanjam Vaa Maansam Vaa Paradham |
Vihitam Vihitam Vaa Sarv Metat Kshamasva Jay Jay Karunaabdhe Shree Mahadev Shambho ||

इस मंत्र के जप के दौरान उत्पन्न होने वाले कंपन से सभी नकारात्मक और बुरी ऊर्जा का खात्मा हो जाता हैं और बीमारियों, दुःख, भय आदि के खिलाफ एक शक्तिशाली सुरक्षात्मक ढाल बनती हैं। मंत्र का मतलब है, “हे सर्वोच्च भगवान् ! सभी तनावो, अस्वीकृति, विफलता, अवसाद और अन्य नकारात्मक शक्तियों को शरीर और दिमाग से दूर कर आत्मा को शुद्ध करे। “यह ध्यान से पहले साधना के लिए एक सुंदर मंत्र है।

यदि आप शिव का ध्यान करना चाहते हैं, तो शिव ध्यान मंत्र आपके लिए है। यह मंत्र इस जीवन या अतीत में किए गए सभी पापों के लिए भगवान से क्षमा मांगने का मार्ग है और इस प्रकार यदि आप अपने जीवन में अपनी आत्मा को शुद्ध करना चाहते हैं तो यह मंत्र बहुत प्रभावी है।

7. ध्यान के लिए श्री विष्णु मंत्र – Sri Vishnu Mantra

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम् ।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् ॥

Shaanta-Aakaaram Bhujaga-Shayanam Padma-Naabham Sura-Iisham
Vishva-Aadhaaram Gagana-Sadrsham Megha-Varnna Shubha-Anggam|
Lakssmii-Kaantam Kamala-Nayanam Yogibhir-Dhyaana-Gamyam
Vande Vissnnum Bhava-Bhaya-Haram Sarva-Loka-Eka-Naatham ||

brahma-from-vishnus-navel

इसका अर्थ है, मैं भगवान विष्णु से प्रार्थना करता हूं और ध्यान करता हूं, जो शांतिपूर्ण शरीर की मुद्रा में है और उनकी एक शांत उपस्थिति है; जो शेषनाग पर विश्राम करते है; जिसकी नाभि में कमल है, जो सभी देवताओं के राजा है, जो इस संसार का आधार है, जिनका रंग आकाश की तरह है, जिनके पास एक शुभ शरीर है। मैं भगवान विष्णु की पूजा करता हूं; वह जो लक्ष्मी के स्वामी है; आंखें कमल की तरह हैं; जो योगियों द्वारा उनके ध्यान में देखे जाते है; और जीवन और मृत्यु के भय का समाप्त करते है यह सभी दुनिया के एकमात्र भगवान है।

8. सरस्वती स्तोत्रम् – Saraswati Stotram

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता
सा मां पातु सरस्वति भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥

Yaa Kunde[a-I]ndu-Tussaara-Haara-Dhavalaa Yaa Shubhra-Vastra-[A]avrtaa
Yaa Viinnaa-Vara-Danndda-Mannddita-Karaa Yaa Shveta-Padma-[A]asanaa |
Yaa Brahma-Acyuta-Shankara-Prabhrtibhir-Devaih Sadaa Puujitaa
Saa Maam Paatu Sarasvati Bhagavatii Nihshessa-Jaaddya-Apahaa |

अर्थात: देवी सरस्वती जिसका शरीर कुंड फूल की तरह सफेद है, देवी जो चंद्रमा, बर्फ और मोतियों की माला के जैसे सफेद कपड़े धारण करती है, देवी जो अपने हाथों में वीणा धारण किये हुए है, देवी जो सफेद कमल के फूल पर बैठती है, देवी जीके इष्ट ब्रह्मा, विष्णु और शिव है, देवी जो अज्ञानता के अंधेरे को हटा देती है, वह मेरी रक्षा करे और मुझे पोषण दे।

9. पवमान मंत्र – Pavamana Mantra

ॐ असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मा अमृतं गमय ।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

Om Asato Maa Sad-Gamaya |
Tamaso Maa Jyotir-Gamaya |
Mrtyor-Maa Amrtam Gamaya |
Om Shaantih Shaantih Shaantih ||

ध्यान के लिए यह विशेष मंत्र है जिसका अर्थ है, “हे सर्वोच्च प्रभु, मुझे अवास्तविकता से मुक्त करो और मुझे वास्तविकता में ले जाएं, मुझे अंधेरे से दूर रखें और मुझे प्रकाश में ले जाएं, मुझे मृत्यु से अमरता (ज्ञान) में ले जाएं, “ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः”। इस प्रकार, यह मंत्र हमें उन चीज़ों को समझने में मदद करता है जो वास्तविक हैं, और हमारे मन की स्थिति को एक गहन ध्यान के लिए उपयुक्त बनाता है।

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