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ध्यान(meditation) करने का सबसे आसान तरीका

MEDITATION

आपके दिमाग की ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिन्हें आपको अपने फायदे के लिए जानने की जरूरत है। जब भी दिमाग की बात होती है तो उसमें मेडिटेशन का जिक्र जरूर होता है। इस पोस्ट के अंत तक आपको मेडिटेशन के बारे में वो हर एक चीज अच्छे से पता चल जाएगी जो आपको पता होनी चाहिए अपने दिमाग पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए। मैडिटेशन यानी की ध्यान सबसे जरुरी मेंटल स्किल है जिसे हर एक इंसान को अपने जीवन में जरूर सीखना चाहिए। यह एक ऐसा साधन है जो आपको अपनी भावनाओ पर नियंत्रण रखना सिखाता है। यानी कि इससे आप अपने निर्णयों अपनी आदतों को बदल सकते हैं और आपके निर्णय और आप की आदतों से आपके भविष्य का निर्माण होता है।

यूं तो मेडिटेशन के बहुत से लाभ है लेकिन इसका सबसे बेहतरीन लाभ यह है कि इससे आपका self-control बढ़ जाता है जिससे आपको

– अपने गुस्से पर काबू पाना आजाता है।
– आपकी anxiety यानी की घबराहट कम हो जाती हैं।
– नींद अच्छी आती है।
– आपका लाइफ में फोकस बढ़ जाता है।

यहां तक कि इससे आप किसी भी तरह के एडिक्शन से छुटकारा पा सकते हैं। यदि मेडिटेशन के आपके शरीर पर होने वाले ऊपरी ऊपरी लाभ है, अगर अंदरूनी लाभों की बात करें तो मेडिटेशन की वजह से आपका मैं इतना शांत हो जाता है की आप जीवन में बुरे से बुरे समय को भी बड़ी ही आसानी से झेल लेते है। जैसे आपकी जॉब चली जाए या फिर आपका ब्रेकअप हो गया हो तो इससे आपको कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा। यहां तक कि आपके अंदर से अकेलेपन का डर भी निकल जाएगा।

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अब जब meditation के इतने बड़े जीवन बदल देने वाले लाभ है तो इसे हर कोई क्यों नहीं करता? तो समस्या यह है कि लोगों द्वारा मेडिटेशन को इतना मुश्किल बना दिया गया है ताकि वह आपको अपने कोर्सेज और अपनी बुक्स बेच सकें जबकि मेडिटेशन करने के लिए आपको सिर्फ उसके बेसिक्स को जानने की जरूरत है।

सबसे पहले तो आपको पता होना चाहिए कि मेडिटेशन होता क्या है आसान से आसान भाषा में कहूँ तो मैडिटेशन का मतलब है अपने दिमाग को शांत रखना।

अब जानते हैं कि मेडिटेशन कैसे किया जाए-

मेडिटेशन करने के लिए आपको तीन चीजों को ध्यान में रखना पड़ेगा।

1. मेडिएशन के लिए सही वातावरण

2. मेडिटेशन की सही विधि

3. आपकी नियमशीलता

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मेडिएशन के लिए सही वातावरण

इसके लिए आपको एक शांत और बैठने के लिए आरामदायक जगह ढूंढनी होगी। जहां आपके ध्यान में किसी भी तरह की कोई बाधा ना आ सके। इससे फर्क नहीं पड़ता कि आप कैसे बैठे हैं आप चेयर पर भी बैठ सकते हैं या जमीन पर पालथी मारकर भी बैठ सकते हैं। बस आपकी पीठ एकदम सीधी होनी चाहिए। अगर आप बेड पर लेट कर मेडिटेशन करते हैं तो हो सकता है कि आप इससे सो जाएंगे। इसलिए बेड पर लेट कर मैडिटेशन करने की सलाह नहीं दी जाती। अब अगर आप पहली बार मेडिटेशन कर रहे हैं तो आप सिर्फ 10 मिनट के लिए या ज्यादा से ज्यादा 20 मिनट के लिए ही मेडिटेशन करें। इसके लिए आप किसी घड़ी में या फिर अपने मोबाइल में टाइमर सेट कर ले। अगर आप किसी रूम में मेडिटेशन कर रहे हैं तो लाइट्स बंद कर दें और खिड़कियों को खोल दे इससे आपको ताजी हवा मिलती रहेगी अपने मोबाइल को थोड़ी देर के लिए एरोप्लेन मोड पर डाल दें। जिससे आपको मेडिटेशन के दौरान ध्यान लगाने में आसानी हो। आप चाहे तो किसी तरह का कोई रिलैक्सिंग म्यूजिक बैकग्राउंड में चला सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि म्यूजिक ज्यादा लाउड ना हो और कोई ऐसा म्यूजिक ना हो जो ध्यान भटकाए।

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मेडिटेशन की सही विधि

अब बात करते हैं मेडिटेशन की मेडिटेशन की सही विधि की। आपको मेडिटेशन करने के लिए इंटरनेट पर बहुत सी मेडिटेशन की सही विधि मिल जाएँगी। लेकिन इसकी सबसे आसान विधि यह है बस आंख बंद कर ले और अपनी सांसो पर ध्यान दे। जब आप सांस को अंदर ले तो ध्यान दें कि कैसे वह आप के लंग्स के अंदर जा रही हैं, और सास को बाहर छोड़ते हुए यह महसूस करें कि कैसे आप की सारी की सारी टेंशन आपके माइंड से सांस के जरिए बाहर निकलती जा रही हैं और आपका मन कितना शांत होता जा रहा है। अब आप थोड़ी ही देर बाद ऐसा महसूस करेंगे कि आपका माइंड डिस्ट्रिक्ट हो रहा है। आपका ध्यान बार बार आपके फोन की तरफ जाएगा या फिर आपका मन करेगा कि उठ कर चला जाऊं और कोई जरूरी काम करू। मैडिटेशन की दुनिया में इसको मंकी माइंड कहा जाता है। बस आपने इसको अपने ऊपर हावी नहीं होने देना है और इसे परेशान नहीं होना है। प्यार से अपने मन को समझाते हुए दोबारा से अपने फोकस को अपनी सांसो पर ले जाओ। अब आपने अपने दिमाग में चलने वाले विचारो के बारे में ज्यादा नहीं सोचना है उन्हें आने देना है और जाने देना है। सांसो पर ध्यान रखते हुए अपने मन को शांत रखना है। समय पूरा होते ही आप वहां से उठ जाए और अपने दिन भर के कामकाज शुरू कर दें। अब आपको रोज मेडिटेशन करने के लिए कोई एक समय निश्चित करना चाहिए और रोज उसी टाइम पर मेडिटेशन करना चाहिए। ताकि वह आपकी आदत बन जाए।

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नियमशीलता

अब आते हैं मेडिटेशन का पूरा लाभ लेने के लिए जरूरी सबसे इंपोर्टेंट बात पर और वह है कंसिस्टेंसी यानी कि आपको नियमशीलता। आपको मेडिटेशन रोज करना होगा तभी आपको इसका कोई लाभ होगा। शुरुआत में किसी भी चीज को रोज कर पाना बहुत मुश्किल होता है। इसीलिए मैंने आपको शुरुआत में मेडिटेशन को शुरुआती दिनों में 10 से 20 मिनट तक करने की सलाह दी थी। ऐसा करने से आप इससे बोर नहीं होंगे। लेकिन यह कोई एक रात का खेल नहीं है यानी कि इसका मतलब यह नहीं है कि आपने इस को 1 या 2 हफ्ते के लिए किया और आप अपने जीवन में इसका फायदा देखने लगे और आपने निराश होकर इसे छोड़ दिया। जीवन में कोई भी चीज ऐसे काम नहीं करती। लेकिन वही अगर आप इसको अपनी आदत बनाकर हर रोज 10 से 20 मिनट के लिए भी करेंगे तो यह आपकी जिंदगी को पूरी तरह से बदल देगा। बस आपको मेडिटेशन करते समय होने वाली डिस्ट्रेक्शन से परेशान नहीं होना है। हो सकता है कि आप शुरुआत में सिर्फ 5 या 10 सेकंड के लिए ही ध्यान लगा पाए लेकिन प्रैक्टिस के साथ जैसे-जैसे टाइम निकलता जाएगा तो आपका ध्यान अपने आप ही कुछ सेकण्ड्स में ही मैडिटेशन की स्टेट में पोहोच जाया करेगा।

 

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