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क्यों पूजा जाता है पीपल के पेड़ को? – पूजा विधि और महत्व

Peepal Tree Pooja:

हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ की पूजा का अत्यंत महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का निवास होता है। ऐसा माना जाता है कि पीपल की जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में शिव जी का वास होता है। और वही गीता में भगवान कृष्ण ने स्वयं को वृक्षों में पीपल का वृक्ष बताया है। इसके हर एक पत्ते में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास है इसीलिए इसे देव वृक्ष भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि सोमवती अमावस्या के दिन पीपल का पेड़ साक्षात भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का वास स्थान बन जाता है।

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वहीं पीपल के पेड़ की पूजा शनि के प्रकोप से छुटकारा पाने के लिए भी की जाती है। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ में शनि भगवान का वास होता है। जिस से जुड़ी कथा कुछ इस प्रकार से है –

प्राचीन समय में असुर कैटभ ने तीनों लोकों में अपना आतंक मचा रखा था। उसने एक ऋषि आश्रम में पीपल के पेड़ का रूप धारण कर रखा था। जब भी कोई ऋषि उस पेड़ के नीचे से निकलता तो वह असुर ऋषि को निगल लेता था। धीरे-धीरे यह चिंता का विषय बने लगा था क्योंकि सभी ऋषि कहां लापता हो रहे हैं यह एक बड़ी पहेली बन गया था।

इस विपदा से बचने के लिए ऋषि मुनियों ने शनिदेव से मदद की गुहार लगाई। शनि देव ने उनकी प्रार्थना सुनते हुए ऋषि का वेश धारण किया और आश्रम में ही रहने लगे। शनि देव को ऋषि समझते हुए कैटभ ने उन्हें भी पकड़ कर निगलने की कोशिश की। शनि देव ने असुर से युद्ध किया और उसका वध कर दिया। इस प्रकार शनिदेव ने ऋषि-मुनियों को असुर के आतंक से मुक्ति दिलाई। और कहा कि अब से मैं स्वयं इस पेड़ के नीचे वास करूंगा और आप सभी की रक्षा करूंगा। तब से ऋषि मुनि पीपल के वृक्ष की शनि देव के रूप में पूजा करने लगे और माना जाता है कि शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति पाने के लिए शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए।

पीपल की पूजा की विधि – Peepal ki pooja vidhi

– सुबह नहा धोकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर ले।

– स्वच्छ और पवित्र स्थान पर उगे पीपल के पेड़ की पूजा करें।

– सबसे पहले इस पर गाय का दूध अर्पित करें फिर गंगाजल या शुद्ध जल चढ़ाएं।

– अब इस पर चंदन का टीका लगाते हुए चावल, मोली, जनेऊ, पुष्प आदि अर्पित करें।

– पीपल के पेड़ को नैवेद्य (फल,मिठाई) अर्पित करें।

– धुप व दीपक जलते हुए ब्रह्मा, विष्णु और महेश का ध्यान करें।

– अंत में ब्रह्मा विष्णु और महेश की आरती करें और बचा हुआ जल घर में लाकर छिड़काव करें। ऐसा करने से घर से सभी तरह की नकारात्मकता दूर हो जाती है।

ध्यान देने योग्य बातें – Pooja Tips

– पीपल की छाया कभी भी घर पर नहीं पड़नी चाहिए।

– रविवार के दिन पीपल में दरिद्रता का वास होता है इसलिए इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा नहीं करनी चाहिए।

– रात 8:00 बजे के बाद पीपल के पेड़ के नीचे दीया नहीं जलाना चाहिए।

– पीपल के पेड़ को कभी भी काटना नहीं चाहिए।

पीपल की पूजा के फायदे – Peepal ki Pooja ke Fayde

– पीपल के पेड़ की पूजा करने से शनि और लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।

– शनिवार के दिन सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने से शनि से जुड़े सभी दोषों से मुक्ति मिलती है।

– पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ को फल अर्पित करने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है।

– पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

– इसकी पूजा से आर्थिक कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती है।

इन्हे भी जानें और लाभ उठायें :

 

 

 

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