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राखी (Rakhi) भाई बहनों का एक पवित्र त्यौहार

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राखी (Rakhi) का त्यौहार हिंदू धर्म का एक बहुत ही पवित्र त्यौहार है। इस त्यौहार की सबसे ज्यादा ख़ुशी भाई और बहन दोनों को होती है। इस त्यौहार पर भाई अपनी बहन को बहुत से तोहफे देता है और उसकी हमेशा रक्षा करने का वचन देता है। यह त्यौहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रवण के महीने के पूर्ण-चंद्रमा दिन पर पड़ता है। चंद्रमा की स्तिथि बदलते रहने के कारण  हर साल तिथि बदलती रहती है।

इस वर्ष रक्षा बंधन कब है?

इस वर्ष रक्षा बंधन 26 अगस्त दिन रविवार को है और रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक है। राखी के त्यौहार का अर्थ “सुरक्षा का बंधन” है और यह त्यौहार में भाइयों और बहनों के बीच प्यार और सुरक्षा को दर्शाता है। इस त्यौहार के सात दिन बाद अष्टमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है।

रक्षाबंधन का महत्व

इस त्यौहार में सभी  बहनें अपने भाइयों की कलाई पर एक पवित्र धागा, राखी या रक्षा सूत्र बांधती है और अपने प्यार और शुभकामनाओं से इस त्यौहार को मनाती है। राखी के दिन बहनें अन्न ग्रहण नही करती है। हिन्दुओ में रिवाज है जब तक बहन अपने भाई की कलाई पर राखी न बांध ले तब तक उसे उपवास रखना होता है। इसके बाद भाई अपनी क्षमता अनुसार बहन को उपहार या धन देता है।

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रक्षाबंधन भाई बहन के पवित्र प्रेम को दर्शाता है। यह पर्व बहन अपने भाई की लंबी आयु के लिए मनाती है जबकि भाई अपनी बहन की उम्रभर रक्षा करने का वचन देता है। ऐसे कहा जाए तो यह पर्व भाई अपनी बहन और बहन अपने भाई के लिए मनाती है। भाइयों की शादी के पश्चात् बहने अपने भाई की पत्नी को भी राखी बांधती है ताकि उन दोनों का रिश्ता हमेशा सही सलामत रहे।

भद्रा काल का ध्यान रखें

भद्रा काल के दौरान राखी नही मनानी चाहिए। क्योकि ऐसा माना जाता है की भद्रा काल में राखी मनाने से कुछ भी दुर्घटना हो सकती है भद्रा समय को राखी के दिन एक अशुभ समय के रूप में माना जाता है। यह पूर्णिमा तीथी के पहले भाग के दौरान होता है। इसलिए पुराणों के अनुसार भद्रा काल से पहले ही राखी का त्यौहार मना लेना चाहिये।

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