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शक्तिशाली रोगनाशक मंत्र

Rognashak Mantr

मंत्र एक उच्चारण है एक ध्वनि है जिसमे आध्यात्मिक शक्तिया प्रदान करने की क्षमता होती है। मंत्र के उच्चारण से निकलने वाली ध्वनि के कंपन से व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक चेतना पर प्रभाव पड़ता है।

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इन मंत्रों का जाप विश्वास और अनुशासन के साथ करने से हमारे शरीर के साथ-साथ हमारे दिमाग को भी संतुलित करने में मदद मिलती है। ऐसी कई घटनाएं हुई हैं कि विभिन्न मंत्रों का जाप करने से विभिन्न रोगों के कई लोगों को रहस्यमय तरीके से ठीक किया गया है। यहाँ कुछ ऐसे शक्तिशाली मंत्र भी हैं जिनके इस्तेमाल से इलाज और रोगों से मुक्त मिलती है। इन्हे रोगनाशक मंत्र कहा जाता है।

रोगनाशक मंत्र

शादपरणावयुक्त महा मृत्युंजय मंत्र – Shadpranavyukta Maha Mrityunjay Mantr

Om Haung Jung Sah Om Bhurbhuvah Swah Om Trayambakam Yajamahe Sugandhimpushtivardhanam Urvarukmiv Bandhananmrityormukshiya Mamritat ।।
Om Swah Bhuvah Bhuh Om Sah Jung Haung Om ।।

ऊँ हौं जूं सः ऊँ भूर्भुवः स्वः ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बंधनान्मृत्योर्मुक्षीय माघ्मृतात्।। ऊँ स्वः भुवः भूः ऊँ सः जूं हौं ऊँ ।।

हनुमान मंत्र – Hanuman Mantr

ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा ।

Om Namo Bhagvate Aanjaneyaay Mahaabalaay Swaahaa

महा मृत्युंजय मंत्र – Maha Mrityunjay Mantr

Om Trayambakam Yajamahe Sugandhim Pushtivardhanam Urvarukmiv Bandhananmrityormukshiya Mamritat ।।

ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बंधनान्मृत्योर्मुक्षीय माघ्मृतात्।।

शादपरणावयुक्त महा मृत्युंजय मंत्र – Shadpranavyukta Maha Mrityunjay Mantr

Roganasheshanpahansi Tushta Rushta Tu Kaman Saklanbhishtan ।।

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्ट तू कमान सकलनभीष्टान् ।

भगवान शिव रोग निवारण मंत्र

याते रुद्र शिवातनुः शिवा व्विश्स्वाहा भेषजी
शिवा रुतस्य भेषजी तयानो मृड जीवसे ||

कैंसर रोग नाशक मंत्र 

ॐ नम: शिवाय शंभवे कर्केशाय नमो नम:।

यह मंत्र किसी भी तरह के कैंसर रोग में लाभदायक होता है।

मस्तिष्क रोग नाशक मंत्र 

ॐ उमा देवीभ्यां नम:।

यह मंत्र मस्तिष्क संबंधी विभिन्न रोगों जैसे सिरदर्द, हिस्टीरिया, याददाश्त जाने आदि में लाभदायी माना जाता है।

आंखों के रोग नाशक मंत्र 

ॐ शंखिनीभ्यां नम:।

इस मंत्र से जातक को मोतियाबिंद सहित रतौंधी, नेत्र ज्योति कम होने आदि की परेशानी में लाभ मिलता है।

हृदय रोग नाशक मंत्र 

ॐ नम: शिवाय संभवे व्योमेशाय नम:।

स्नायु रोग नाशक मंत्र 

ॐ धं धर्नुधारिभ्यां नम:।

कान संबंधी रोग नाशक मंत्र 

ॐ व्हां द्वार वासिनीभ्यां नम:।

कर्ण विकारों को दूर करने में यह मंत्र आश्चर्यजनक भूमिका निभाता है।

कफ संबंधी रोग नाशक मंत्र 

ॐ पद्मावतीभ्यां नम:।

श्वास रोग नाशक मंत्र 

ॐ नम: शिवाय संभवे श्वासेशाय नमो नम:।

पक्षाघात रोग नाशक मंत्र 

ॐ नम: शिवाय शंभवे खगेशाय नमो नम:।

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