in

वसंत पंचमी सरस्वती पूजा का महत्व और शुभ मुहूर्त

VASANT PANCHMI AND SARASWATI POOJA

तिथि  दिन  वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) शुभ मुहूर्त 
10 फरवरी 2019 रविवार 7 बजकर 15 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक 

माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन देवी सरस्वती का पूजन करने से विद्या और वाणी का वरदान मिलता है। विद्या से जुड़ी वस्तुओं को देवी सरस्वती का निवास स्थान माना जाता है इसलिए तिलक, अक्षत, धूप-दीप आदि से सभी वस्तुओं की पूजा करनी चाहिए।

Vasant Panchami

इस दिन मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा, घर की नींव रखना, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, व्यापार शुरू करना आदि कार्यों को करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन नवजात बच्चे को पहला निवाला खिलाया जा सकता है और माना जाता है कि बच्चे की जिह्वा पर शहद से ॐ बनाने से बच्चा बुद्धिमान बनता है। इस दिन सभी लोगो को पीले वस्त्र पहनने चाहिए।

वेदों के अनुसार सृष्टि की रचना के लिए देवी सरस्वती ने अपने आप को पांच भागों में विभक्त कर लिया। उनके रूपों के नाम इस प्रकार है – देवी राधा, देवी पार्वती, देवी सावित्री, देवी दुर्गा और देवी सरस्वती। ये सब रूप भगवान श्री कृष्ण के विभिन्न अंगों से प्रकट हुए और भगवान श्री कृष्ण के कंठ से उत्पन्न हुए देवी को सरस्वती के नाम से जाना जाने लगा।

देवी सरस्वती के नाम

वाक्

वाणी

गी

गिरा

बाधा

शारदा

वाचा

श्रीश्वरी

वागीश्वरी

ब्राह्मी

गौ

सोमलता

वाग्देवी

वाग्देवता

ये सब देवी सरस्वती के प्रसिद्ध नाम है।

वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की विधिवत पूजा करके वसंतोत्सव मनाया जाता है और माँ की आराधना की जाती है। देवी सरस्वती की पूजा हमेशा श्वेत वर्ण की वस्तुओं का ही प्रयोग किया जाता है। जैसे – दूध, दही, मक्खन, सफ़ेद तिल, पका हुआ गुड़, मधु, श्वेत चन्दन, श्वेत पुष्प, श्वेत अलंकार, खोए का श्वेत मिष्ठान, अदरक, मूली, शर्करा, सफ़ेद धान के अक्षत, पके हुए केले की फली का पिष्टक, नारियल, नारियल जल, श्रीफल, बदरीफल आदि।

ऋतुओं मे श्रेष्ठ वसंत ऋतु माघ के प्रतिपदा से ही प्रारम्भ हो जाती है। 15 फरवरी से लेकर 15 अप्रैल तक का समय बसंत ऋतु का ही होता है। बसंत ऋतु में मौसम बहुत सुहावना होता है। बसंत के समय में ऋतु बहुत सुहावनी होती है। इस ऋतु में सब जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों में नव जीवन का संचार होता है।

यह भी पढ़े: देवी सरस्वती के शक्तिशाली मन्त्र 

वृक्षों पर नए-नए पत्ते लगने शुरु हो जाते हैं। आमों के पेड़ों पर बौर आने लगता है और इस सुगंधित वातावरण में सैर करने से बहुत सी बीमारियाँ दूर हो जाती है। ठंडी-ठंडी हवा चलती रहती है जिससे मनुष्य की उम्र और बल में वृद्धि होती है।

वसंत पंचमी का त्यौहार विद्या जैसे संस्थानों में जैसे – स्कूलों, कालेजों मे सबसे अधिक धूम-धाम से मनाया जाता है और इस दिन स्कूलों, कालेजों में हवन का आयोजन भी किया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

manav janam

किस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मनुष्यों को मानव जन्म मिलता है

shriyantr

श्री यंत्र और इसके लाभ