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सकारात्मक ऊर्जा के लिए वास्तु मंत्र – वास्तु दोष निवारण मंत्र

Vastu Dosh Nivaran Mantr

मंत्र वह ध्वनि है जो अक्षरों एवं शब्दों के समूह से बनती है। जिसे इतना संरचित किया गया है कि, जब इसका सही ढंग से उच्चारण किया जाता है, तो सार्वभौमिक ऊर्जा को व्यक्ति की आध्यात्मिक ऊर्जा में केंद्रित किया जाता है। वास्तु मंत्र का पाठ शक्तिशाली और सकारात्मक शक्तियों को उत्पन्न करता है और हमारे घर के आसपास एक शुभ आभा बनाता है।

Vastu-Dosh-Nivaran-Mantr

वास्तु देव या वास्तु के देवता को हर स्थान पर शासन करने वाली ऊर्जा के रूप में वर्णित किया जा सकता है। वास्तु शास्त्र एक सदियों पुराना विज्ञान है जो योजना और निर्माण से संबंधित है। अक्सर घर या चीजों के निर्माण के दौरान हमें विभिन्न कारणों से वास्तु दिशानिर्देशों का उल्लंघन करना पड़ सकता है। ऐसे में वास्तु दोष निवारन मंत्रों का जाप करके इस के नकारात्मक प्रभावों को दूर किया जा सकता है। वास्तु मंत्र का जप करने से धन, स्वास्थ्य और मन की शांति का आशीर्वाद मिलता है।

सकारात्मक वास्तु के लिए 5 वास्तु मंत्र – Vastu Dosh Nivaran Mantr

1. वास्तु दोष निवारन मंत्र

ॐ वास्तोष्पते प्रति जानीद्यस्मान स्वावेशो अनमी वो भवान यत्वे महे प्रतितन्नो जुषस्व शन्नो भव द्विपदे शं चतुष्प्दे स्वाहा |

Om Vaastoshpate Prati Jaanidyasmaan Swaawesho Anamee Vo Bhavaan Yatve Mahe Pratitanno Jushasva Sahnno Bhav Dvipade Sham Chatushpade Swaahaa |

2. वास्तु वैदिक मंत्र

नमस्ते वास्तु पुरुषाय भूशय्या भिरत प्रभो |

मद्गृहं धन धान्यादि समृद्धं कुरु सर्वदा ||

Namaste Vaastu Purushaay Bhooshayyaa Bhirat Prabho |

Madgriham Dhan Dhaanyaadi Samriddham Kuru Sarvada ||

3. वास्तु दोष निवारण मंत्र

ॐ वास्तोष्पते प्रतरणो न एधि गयस्फानो गोभि रश्वे भिरिदो अजरासस्ते सख्ये स्याम पितेव पुत्रान्प्रतिन्नो जुषस्य शन्नो भव द्विपदे शं चतुष्प्दे स्वाहा |

Om Vaastoshpate Pratarano Na Edhi Gayasphaano Gobhi Rashve Bhirido Ajaraasaste Sakhye Syaam Pitev Putraanpratinno Jushashya Shanno Bhav Dvipade Sham Chatushpade Swaahaa |

 

4. वास्तु दोष निवारण मंत्र

ॐ वास्तोष्पते ध्रुवास्थूणां सनं सौभ्या नां द्रप्सो भेत्ता पुरां शाश्वती ना मिन्क्षे मुनीनां सखा स्वाहा |

Om Vaastoshpate Dhruvaasthoonaam Sanam Saubhyaa Naam Drapso Bhettaa Puraam Shashvatee Naa Minkshe Muninaam Sakhaa Swaahaa |

 

5. वास्तु दोष निवारन मंत्र

ॐ वास्तोष्पते शग्मया स र्ठ(ग्वग्) सदाते सक्षीम हिरण्यया गातु मन्धा । चहिक्षेम उतयोगे वरन्नो यूयं पातस्वस्तिभिः सदानः स्वाहा । अमि वहा वास्तोष्पते विश्वारूपाशया विशन् सखा सुशेव एधिन स्वाहा ।

Om Vaastoshpate Shagmayaa Sa Gvag Sadaate Saksheem Hiranyayaa Gaatu Mandhaa | Chahikshem Utayoge Varanno Yooyam Paatasvastibhiha Sadaanah Swaahaa |

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