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विवाह से पहले कुंडली मिलान का महत्व

Reasons Why Kundali Milan is Necessary in Hindi

कुंडली मिलान दूल्हे और दुल्हन के बीच विवाह के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का सबसे पहला कदम माना जाता है। हिन्दू धर्म में सदियों से, कुंडली मिलान या राशी मिलान शादी की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान रहा है। इसके अभाव में दांपत्य जीवन को आगे चल कर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चलिए जानते है कुंडली मिलान के कुछ आवश्यक कारणो के बारे में।

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कुंडली मिलान क्यों आवश्यक है 7 कारण ( Kundali Milan Ke Karan )

1. संतान के स्वास्थ्य के लिए

कुंडली मिलान के माध्यम से देखा जाने वाला एक सबसे प्रमुख गुण नाड़ी है। यह कुण्डली मिलान का आठवा गुण है, जो होने वाले बच्चे के जन्म की संभावनाओं उसके स्वास्थ्य या इसके आसपास उत्पन्न होने वाली समस्याओं का संकेत देता है। एक परिवार को बच्चे के जन्म के बाद ही सम्पूर्ण माना जाता है, इसलिए माता-पिता के लिए इस खुशी को सुरक्षित रखने के लिए इस गुण का महत्व बहुत खास हैं।

2. अनुकूलता के लिए

विवाह से पहले कुंडली मिलान करने का एक प्रमुख कारण यह जानना है कि दूल्हा और दुल्हन एक दूसरे के कितने अनुकूल हैं। दोनों की कुंडलियों में गुणों को मिलाया जाता है। ज्योतिष के अनुसार कुल मिलाकर 36 गुणों को मिलाया जाता हैं, जिनके मेल से यह निष्कर्ष निकलता है की दो लोग विवाह को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल हैं या नहीं और उनका जीवन कितना सफल होगा।

इन गुणों के मिलान में इस बात का भी निष्कर्ष निकला जाता है कि उनके व्यक्तिगत ग्रह नक्षत्र और भाग्य एक-दूसरे को कैसे प्रभावित करेंगे। यदि कुंडली मिलान में किसी तरह की कोई समस्या सामने आती है तो ज्योतिष शास्त्र में उस समस्या के विभिन्न उपचार भी है।

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3. धन संबंधी स्थिरता और प्रगति पर प्रभाव

जब दो लोग विवाह के पवित्र संबंध में जुड़ते हैं, तो उनके ग्रहों की स्थिति न केवल उनके जीवन पर बल्कि एक-दूसरे के जीवन पर भी असर डालती हैं। भकूट, जो की सातवां गुण है, इस प्रभाव को प्रकाशित करता है। कुंडली में इस गुण का मिलान करके, वित्तीय स्थिरता और नौकरी की संभावनाओं को भी देखा जाता है।

4. मानसिक और शारीरिक अनुकूलता

कुंडली मिलान का कार्य दोनों भागीदारों की मानसिकता, रुचियों, व्यवहार, गुस्सा, और सबसे महत्वपूर्ण उनकी योग्यता को जानने के लिए किया जाता है। यह एक सफल शादी का मूल आधार है, खासकर इन चुनौतीपूर्ण समयों के दौरान जब दुनिया एक बड़ी गति से आगे बढ़ रही है। मिलान दोनों भागीदारों के स्वास्थ्य का भी मूल्यांकन करता है। आखिरकार, शारीरिक आकर्षण का मूल्यांकन कर यह सुनिश्चित किया जाता है की लड़के और लड़की दोनों के बीच एक दूसरे के प्रति आकर्षण का पर्याप्त स्तर है।

5. दशा पर काबू पाने के लिए

जब कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसके जन्म के समय पर ग्रह नक्षत्रो की स्थिति से उसका भाग्य तय होता है। यह कारक वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है और इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

सितारों का समय और स्थिति कभी-कभी व्यक्ति कुंडली में दशा बनाते हैं, जैसे मंगल दशा या शनि दशा। इस तरह की दशा शादी के बाद समस्याएं पैदा कर सकती हैं और कुंडली मिलान के समय इसका पता लगाया जा सकता है। ऐसी किसी दशा का पता चलने पर ज्योतिषी में आपको इसके प्रभाव को ख़तम करने या बहुत हद्द तक कम करने का समाधान मिल सकता है।

 

6. कुंडली न मिलने पर समस्याओं का हल

अभी के लिए, हम सभी जानते हैं कि शादी की सफलता और विफलता की जांच करने के लिए कुंडली मिलान एक महत्वपूर्ण और अर्थपूर्ण पहलू है। लेकिन, किसी की शादी बिना कुंडली मिलान के हुई हो या फिर कुंडली का ठीक से मिलान न हुआ हो और यह दोनों के जीवन में समस्याओ को जन्म दे रहा हो तो क्या करे ? ऐसी परिस्थितियों में, एक सम्मानित और प्रसिद्ध ज्योतिषी से परामर्श करे। ज्योतिष में कुछ समाधान हैं जो जोड़े की कुंडली की दशा और योगों के नकारात्मक दुष्प्रभावों को कम करने लिए प्रयोग में लाए जा सकते हैं। ज्योतिषी में प्रत्येक व्यक्ति का शादी के बंधन में बंधने का एक समाधान है, भले ही आपकी कुंडली एक-दूसरे के साथ मेल न खा रही हों।

 

7. विशेष पूज बेहतर जीवन के लिए

एक बार कुंडली का मिलान हो जाने पर ज्योतिषी सुखद शादीशुदा जीवन के लिए कुछ पूजा का सुझाव देता है। कभी-कभी, कुंडली से मेल खाने के बाद पाया गया दोष कुछ पूजा करने से ठीक हो जाता है। यहां तक ​​कि कुंडलियां मिलने के बाद भी सफल और समस्या मुक्त विवाहित जीवन के लिए दूल्हे और दुल्हन को विशेष पूजा की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष के तौर पर

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शादी करने से पहले कुंडली का मिलान करने का मुख्य और सबसे बड़ा कारण यह सुनिश्चित करना है कि जोड़ा एक खुश, समृद्ध और स्वस्थ विवाहित जीवन जिए।

 

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